राजस्थानः दौसा-भरतपुर सीमा पर स्थित दाऊजी मिल्क फ्रूट प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में कैबिनेट मंत्री ने छापा मारा। इस दौरान बड़े पैमाने पर तैयार कर रहे नकली घी को पकड़ा गया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने रविवार देर रात गृह क्षेत्र महवा (दौसा) में मिल्क फूड प्रोसेसिंग प्लांट (फैक्ट्री) पर पहुंचे। जहां उनके साथ कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। मंत्री को देखकर वहां काम कर रहे मजदूर चौंक गए। मंत्री ने पूरे प्लांट का दौरा किया। वहां बनाए जा रहे प्रोडक्ट्स की जांच की।
कृषि मंत्री को प्लांट में बड़े पैमाने पर नकली देसी घी, बटर और मिल्क पाउडर बनाने की सूचना मिली थी। मौके पर हजारों लीटर दूध का स्टॉक और केमिकल से भरे करीब 20 ड्रम तूड़ी (चारा) के ढेर में दबे हुए मिले। जिनको खोलकर देखा तो खतरनाक बदबू आ रही थी। ऐसे में नकली दूध की आशंका के चलते 25 हजार लीटर दूध नष्ट कराया गया।
मंत्री के निर्देश पर CMHO डॉ. सीताराम मीणा और खाद्य निरीक्षकों की मौजूदगी में फैक्ट्री का निरीक्षण कर सैंपल लिए। वहीं पूरे प्रकरण को लेकर दौसा कलेक्टर देवेंद्र कुमार और एसपी सागर राणा को भी फोन पर सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी देर रात मौके पर पहुंचे।
कृषि मंत्री ने कहा कि फैक्ट्री में मिलावटी प्रोडक्ट बनाकर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। मौके पर अमूल समेत 17 अलग-अलग ब्रांडों के पैकेट मिले हैं। यहां आगरा से दूध आता है। पकड़े गए ट्रैक्टर ड्राइवर ने बताया कि यूरिया और कास्टिक सोडा मिलाकर दूध तैयार कर लाया जाता है। 25 ड्रम छिपाकर रखे थे, जिनमें बदबू आ रही थी। कई ड्रम में पनीर और नकली घी का स्टॉक मिला है।
सीएमएचओ डॉ. सीताराम मीणा ने कहा कि पहले भी इस फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए सैंपलिंग हुई थी और माल भी सीज किया गया था। अब फिर से फैक्ट्री में मौजूद माल के नमूने लेकर लैब भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री के लाइसेंस की भी जांच की जाएगी।