नई दिल्ली: अमेरिका की ओर से अब मेक्सिको पर कार्रवाई करने की बात कह दी गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि – हम अब ड्रग तस्करों के खिलाफ जमीनी कार्रवाई शुरु करने जा रहे हैं। मेक्सिको पर ड्रग तस्करों का राज चल रहा है। उस देश की हालत देखकर बहुत दुख होता है परंतु ड्रग तस्करों का राज है और वो हर साल देश में 300,000 लोगों की जान ले रहे हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ड्रग तस्करी के समुद्री रास्तों पर अमेरिका ने बड़ी सफलता हासिल कर ली है।
मेक्सिको पर है ड्रग कार्टेल्स का नियंत्रण
अब उनका फोकस जमीनी मार्गों पर होगा। उन्होंने कहा कि हमने समुद्र को रास्ते आने वाली 97 प्रतिशत ड्रग्स को रोक दिया है। अब हम कार्टेल्स के खिलाफ जमीन पर कार्रवाई शुरु करने वाले हैं। मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल्स का नियंत्रण है। कार्टेल्स मेक्सिको को चला रहा है। यह बहुत दुखद है। उस देश के साथ क्या हो रहा है? मेक्सिको ने हाल ही में हत्याओं में 40% कमी के आकंड़े पेश किए हैं। इन आंकड़ों को पेश करके ट्रंप प्रशासन को यह दिखाने की कोशिश की है कि वो अपराध के खिलाफ कदम उठा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप मेक्सिको में लैंड स्ट्राइक की चेतावनी ड्रग तस्करी के खिलाफ उनकी आक्रामक नीति का हिस्सा है। ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी सरकार पर भी ड्रग कार्टेल्स को संरक्षण देने और समुद्र के रास्ते अमेरिका में ड्रग तस्करी कराने का आरोप लगाया था।
मेक्सिको ने खारिज किया दावा
ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय पर दिया है जब मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने अमेरिका को किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करने से खारिज कर दिया है। इस हफ्ते की शुरुआत में मेक्सिको सिटी में अपनी डेली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति शीनबॉम ने यह साफ कहा था कि मेक्सिको सुरक्षा मामलों में अमेरिका के साथ सहयोग करेगा परंतु उन्हीं शर्तों पर जो देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करती हो। उन्होंने यह दोहराया है कि ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरुरी है लेकिन यह सहयोग आपसी सम्मान और बराबरी के आधार पर होना चाहिए।
ट्रंप के बयानों के बारे में सवाल करने पर शीनबॉम ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति पहले भी कई बार मेक्सिको में अमेरिकी सेना की भूमिका की बात उठाए हैं। उनकी सरकार ने दृढ़ता को खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि – यह दोहराना जरुरी है कि मेक्सिको में जनता शासन करती है और हम एक स्वतंत्र, स्वायत्त और संप्रभु देश है। अमेरिका के साथ सुरक्षा के मुद्दे पर साथ देना हमारी हां है परंतु अधीनता और हस्तक्षेप हम स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह साफ तौर पर दह दिया है कि मेक्सिको किसी भी विदेशी सैन्य दखल को स्वीकार नहीं करेगा।