रशिया की जीलिया के जरिए अपनों को ढूंढ रहे पीड़ित परिवार
जालंधर, ENS: रूस और यूक्रेन जंग को 3 साल से ज्यादा का समय हो गया है। दोनों देशों में जंग अभी भी जारी है। वहीं दोनों देशों की जंग में जहां कई भारतीय नागरिक अभी भी रूस आर्मी में फंसे हुए है तो कई लापता है। हाल ही में जालंधर का जगदीप अपने भाई की तालाश में रशिया गया है। वहीं अब अमृतसर की महिला परमिंदर कौर रशिया आर्मी में भर्ती हुए तेजपाल सिंह का पता लगवाने के लिए एक बार फिर रशिया जा रही है। 3 अप्रैल जालंधर से जगदीप कुमार और यूपी आजमगढ़ से 2 पारिवारिक सदस्य अपनों तलाश में रशिया में भटक रहे है। वहीं अब अमृतसर की परमिंदर कौर 4 से 5 दिन में रशिया जा रही है।
रशिया आर्मी में पिछले साल भर्ती हुए अमृतसर के तेजपाल सिंह की पत्नी परपिंदर कौर जल्द रशिया जाने वाली है। परमिंदर कौर ने बताया कि कुछ दिन पहले रशिया सरकार की तरफ से उन्हें रिस्पॉन्ड किया गया कि सरकार उनको उत्तर इस बार जरूर करेंगे। परमिंदर ने कहा कि उनके पति तेजपाल सिंह का केस अभी प्रोसेस में है। उन्होंने कहा कि यूपी आजमगढ़ और जालंधर से जो पारिवारिक सदस्य गए हैं उनके वहां मदद करवा रहे हैं और उनकी दोस्त रशिया में दोस्त जीलिया लोगों की पूरी तरह से मदद कर रही है। जीलिया रशियन है उसकी शादी भारतीय मूल के लड़के के साथ हुई है। जब वह पहले गई थी तब वह उनके पास ही रही थी और उन्होंने ही उसकी पूरी तरह से सहायता की थी। रशियन महिला द्वारा गए हुए भारतीय पारिवारिक सदस्यों की सहायता की जा रही है और सेंट पीटरबर्ग भी वह जाकर आई है।
परमिंदर कौर ने कहा कि उनके पति के बारे में उन्हें काफी देर बाद जानकारी मिली थी और 3 महीने से ज्यादा का सामान लग गया था लेकिन जो भारतीय पारिवारिक सदस्य अपनों को ढूंढने गए हैं उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और पता लगवाने में काफी समय लग जाएगा। परमिंदर कौर ने कहा कि वहां जंग अभी भी चल रही है और जंग के दौरान वहां इनफॉरमेशन डाटा वहां है लेकिन किसी के साथ क्या हुआ है इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है और इन्वेस्टिगेशन के बाद ही पता चल पाता है।परमिंदर ने बताया कि रूस सरकार द्वारा बनाए गए लॉ के मुताबिक उन्हें भी 2 महीने का टाइम दिया गया था और जो लोग अपनों को ढूंढने गए हैं उन्हें भी दो महीने से ज्यादा का समय लग सकता है।
दूसरी परेशानी यह है कि जगदीप का भाई मनदीप कुमार विवाहित नहीं है और इसी कारण जगदीप को अपने भाई की जानकारी जुटाना में भी समय लग सकता है। परमिंदर कौर ने कहा कि रूस सरकार द्वारा उनकी सहायता की जा रही है ना कि भारतीय सरकार द्वारा उनकी अभी तक कोई सहायता की गई है। उन्होंने बताया कि जब तेजपाल मीडिया के जरिए सामने आया था, तब उनके पास सरकार के लोग आए थे और बातचीत की थी लेकिन उसके बाद उनसे मिलने कोई नहीं आया। परमिंदर कौर ने बताया कि इंडियन एंबेसी ने उनके पति का डेथ सर्टिफिकेट पहले ही इशू कर दिया था लेकिन अभी तक रूस सरकार ने उन्हें लापता ही घोषित किया है ना कि उनका अभी तक मरने के बारे में कंफर्म किया है।
परमिंदर ने बताया कि जो भारतीय पारिवारिक सदस्य वहां गए हैं उनकी सहायता उसने पंजाब में रहते हुए ही कर दी है। उनके रशिया में जानकर या उनके दोस्तों को उनकी सहायता करने के लिए कहा गया है। परमिंदर कौर ने कहा कि वहां जंग के दौरान काफी लोगों के सब अभी भी फंसे हुए हैं। कई लोगों के शवों को तो भारत लाया गया है जिसके लिए डीएनए टेस्ट रिपोर्ट मांगी जाती है, लेकिन अभी तक बॉर्डर पर हालत काफी नाजुक है और कुछ तस्वीरें भी सामने आए हैं जो उनके पास भी हैं और तस्वीरों से साफ जाहिर होता है कि वहां पर काफी लोगों के शव पड़े हुए हैं जिन्हें अभी तक बॉर्डर से लाया नहीं गया है और उन शवों की हालत काफी खराब हो चुकी है।