चंडीगढ़: पंजाब के स्थानीय निकाय, उद्योग एवं वाणिज्य, बिजली तथा निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में विकास कार्यों की समयबद्ध मंजूरी, पारदर्शिता और निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबीज़) में व्यापक प्रशासनिक, वित्तीय और संरचनात्मक सुधार लागू किए हैं। माननीय राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने दैनिक निगरानी, सख्त समय-सीमाओं और विकेंद्रीकृत निर्णय प्रणाली को अपनाते हुए जवाबदेही आधारित शासन ढांचा तैयार किया है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन सुधारों के चलते पिछले तीन हफ्तों में 1100 लंबित प्रस्तावों में से 900 को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें कुछ प्रस्ताव वर्ष 2018 से लंबित थे। सभी प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रोसेसिंग के लिए 1 फरवरी 2026 से ई-निगम सॉफ्टवेयर लागू किया गया है, जिससे मंजूरी प्रक्रिया में तेजी, पारदर्शिता और ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित होगी। साथ ही अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों में भी वृद्धि की गई है, जिससे फील्ड स्तर पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

अरोड़ा ने कहा कि इंजीनियरिंग काडर के पुनर्गठन, सीवर लाइनों की मिशन-मोड सफाई, अमरुत 2.0 और एसबीएम (शहरी) 2.0 के तहत जल आपूर्ति एवं सीवरेज ढांचे को मजबूत करने जैसे कदम शहरी शासन में बड़े बदलाव का संकेत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस तेज डिलीवरी, वित्तीय अनुशासन और नागरिक सेवाओं में प्रत्यक्ष सुधार पर है, ताकि शहरी विकास को नई गति मिल सके।

