ऊना/सुशील पंडित: राजकीय महाविद्यालय ऊना के रोवर्स ने रोवर्स, रेंजर्स एवं यंग लीडर्स के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की एसडीजी (17 सतत विकास लक्ष्य) एडवोकेसी कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता की। यह पांच दिवसीय कार्यशाला 1 से 5 फरवरी 2026 तक स्टेट ट्रेनिंग सेंटर (एसटीसी), रिवालसर, जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश) में संपन्न हुई। कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर तथा नॉर्थ ईस्ट रेलवे क्षेत्र से लगभग 80 रोवर्स एवं रेंजर्स ने भाग लिया।
राजकीय महाविद्यालय ऊना की ओर से रोवर अभिषेक एवं रोवर सोनू सिंह ने इस कार्यशाला में प्रतिनिधित्व किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य रोवर्स, रेंजर्स एवं यंग लीडर्स में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा सामाजिक विषयों पर प्रभावी एडवोकेसी को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र, समूह चर्चाएँ, मैदानी गतिविधियाँ एवं विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए गए।
महाविद्यालय के रोवर्स ने सभी सत्रों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सामुदायिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं युवा नेतृत्व से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। रोवर्स द्वारा नाट्य प्रस्तुति (स्किट) के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसकी प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों ने सराहना की। कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 17 सतत विकास लक्ष्यों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जोड़ते हुए उनके व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीता शर्मा ने रोवर्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व कौशल तथा सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों में भाग लेने हेतु प्रेरित करने में रोवर स्काउट लीडर डॉ. शाम सिंह बैन्स के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व की भी प्रशंसा की।
