डीएफओ सुशील राणा ने फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका पर संदेह प्रकट करते हुए दिए जांच के आदेश
ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के थाना कलां क्षेत्र के गहरा जंगल में लंबे समय से चल रहे अवैध कटान मामले ने अब प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। इस गंभीर मामले में स्थानीय फॉरेस्ट गार्ड सुशील कुमार की संदिग्ध भूमिका उजागर होने के बाद उन्हें थाना कलां से गगरेट चैक पोस्ट पर तबादला कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) सुशील राणा ने जांच के आदेश भी जारी किए हैं। रामगढ़ धार के रेंज ऑफिसर संदीप कुमार को इस जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। डीएफओ सुशील राणा ने स्पष्ट किया है कि अगर जांच में फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे यह साफ संकेत मिलता है कि वन विभाग अब अवैध लकड़ी कटान जैसे मामलों को लेकर गंभीर रवैया अपना रहा है। स्थानीय जनता ने पहले ही फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका पर सवाल उठाए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि गहरा जंगल में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई हो रही है, और इसमें विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। कुछ ग्रामीणों ने बाकायदा सबूतों के साथ डीएफओ कार्यालय ऊना का रुख किया था। जनता द्वारा दी गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ ऊना सुशील राणा ने पहले ही क्षेत्र का निरीक्षण करवाया था, जिसमें कुछ पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि हुई। इसके बाद ही कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, यह अवैध कटान पिछले कई महीनों से चल रहा था और इससे वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है।
वन विभाग के इस कदम से क्षेत्र में एक संदेश गया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई ना केवल संबंधित अधिकारी के लिए चेतावनी है, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी अनुशासन और ज़िम्मेदारी निभाने का संकेत है। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय जनता में एक हद तक संतोष देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि अब जंगलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है, खासकर हिमाचल जैसे पर्यावरण-संवेदनशील राज्य में।
हालांकि, जांच पूरी होने तक फॉरेस्ट गार्ड सुशील कुमार को गगरेट चैक पोस्ट में ड्यूटी दे दी गई है, लेकिन उन पर विभागीय निगरानी बनी रहेगी। आगामी दिनों में जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।