नई दिल्ली : अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में एक बहुत ही दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। वहां पर बहुत ऊंचाई पर स्थित एक जमी हुई सिला झील में दो केरल के पर्यटकों की डूबकर मौत हो गई है। इसमें से एक का शव भी बरामद कर लिया है। वहीं दूसरे की तलाश की जा रही है। यह घटना बीते दिन दोपहर की बताई जा रही है। इस दौरान सात लोगों का एक समूह झील के पास घूमने के लिए गया था। यह झील समुद्र तल से करीबन 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस समय इस क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
बर्फ के नीचे फंसे युवक
घटना के अनुसार, केरल से अरुणाचल में पहुंचे पर्यटकों में से एक सदस्य जब झील की जमी हुई सतह पर आगे बढ़ा तो अचानक से बर्फ टूटने लग गई। वह पानी में गिरकर डूबने लगा। उसको बचाने के लिए उसके साथी दिनु और महादेव तुरंत झील में कूद गए हालांकि जिस पर्यटक को बचाया जा रहा था वह किसी तरह सुरक्षित तौर पर बाहर निकल आया। उसको बचाने के लिए दोनों युवक बर्फ की नाजुक परत के नीचे फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए।
पुलिस ने शुरु किया राहत बचाव कार्य
त्वांग के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, दोपहर करीबन 3 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस, सशस्त्र सीमा बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की संयुक्त टीम ने तुंरत राहत और बचाव अभियान शुरु किया। बहुत ठंड, फिसलन और बर्फीली सतह के बाद बचावकर्मियों के दिनु का शव बरामद कर लिया है परंतु खराब मौसम और अंधेरा होने के कारण महादेव की तलाश रोकनी पड़ी।
सुबह से चल रही तलाश
एसडीआरएफ बोमडिला, सेना एसएसबी आईटीबीपी और पुलिस का संयुक्त तलाशी अभियान आज सुबह फिर से चल रहा है। एसडीआरएफ और सेना के 4 गोताखोरों को तैनात किया है हालांकि पानी के नीचे कम दृश्यता के कारण गोताखोर अभी तक महादेव का पता नहीं चल पाया। दिनु का शव कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है।
सर्दियों में बढ़ जाता है खतरा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सेल झील और आस-पास के इलाकों में कई चेतावनी बोर्ड लगे हुए हैं। इसमें जमी हुई झील की सतह पर जाने को साफ रुप से मना किया गया है। इसके बाद पर्यटक सुरक्षा निर्देशों को नजरअंदाज कर देते हैं। प्रशासन ने 17 दिसंबर को विशेष पर्यटक परामर्श जारी कर चेतावनी भी दी थी कि झील की बर्फ अस्थिर होती है और ज्याजा वजन नहीं झेल पाती।
सिला झील साल भर में पर्यटकों को आकर्षित करती है परंतु सर्दियों में इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अचानक टूटती बर्फ यात्रियों के लिए खतरा भी साबित होती है। ऐसे में इस तरह की घटना के बाद इन इलाकों में सुरक्षा सावधानियों का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।