सामान्य से ज्यादा अंक प्राप्त करने के बाद भी EWS श्रेणी में दिए नियमों के विपरीत दाखिले
ऊना/ सुशील पंडित: आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऊना इकाई द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त जिला ऊना से मिल कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें ऊना महाविद्यालय में BBA व BCA की प्रवेश प्रक्रिया में हुए गड़बड़झाले के बारे में अवगत करवाया गया व इस सारे मामले की जांच हेतु एक कमेटी के गठन की माँग की |
प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए *इकाई अध्यक्ष इशांत रायज़ादा* ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले पांच महीनों से महाविद्यालय प्रबंधन पर BBA व BCA की प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगा रही है पर शिक्षा विभाग चैन की नींद सोया है व ऊना महाविद्यालय प्राचार्य व प्रबंधन के घोटालों पर मौन है |
पहले तो प्राचार्य व महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थी परिषद द्वारा दायर की गयी RTI का पांच माह तक जवाब नहीं दिया जाता है उसके बाद जब RTI का जवाब मिलता है व प्राचार्य से बातचीत करने का प्रयास किया जाता है तो ये बोल कर बात को टाल दिया जाता है कि इसमें कोई घोटाला नहीं है |
वहीं इकाई मंत्री सूर्य शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी परिषद लम्बे समय से इस आंदोलन को लड़ रही है व अब ये लड़ाई अंतिम दौर तक आ गयी है जिसमें महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा किये गया शैक्षणिक भ्रष्टाचार जग जाहिर हो गया है किस तरह पात्र छात्रों का हक डकार कर महाविद्यालय प्रबंधन व प्राचार्य द्वारा अपने चेहतों को प्रवेश देने का कार्य किया गया है |
इस तरह के घोटाले सामने आने से न सिर्फ ऊना महाविद्यालय की छवि को नुक्सान पहुंचा है बल्कि महाविद्यालय प्राचार्य व प्रबंधन द्वारा उन सभी छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी का काम किया है जो पात्र होने के बाद भी महाविद्यालय में प्रवेश से वंचित रह गए हैं | उन्होंने कहा की महाविद्यालय प्रबंधन व प्राचार्य अभी भी इस मामले को दबाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं परंतु अब ये मामला दबने वाला नहीं है तथा अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी समझते हुए महाविद्यालय प्राचार्य को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनके द्वारा किये गए शैक्षणिक भ्रष्टाचार छात्रों व समाज के बीच आ गया है |
अतिरिक्त उपायुक्त ऊना ने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द इस सारे मामले हेतु एक जांच कमेटी का गठन किया जायेगा |
