चंडीगढ़, 16 फरवरी 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने मोगा जिले के किली छहल में आयोजित ग्राम रक्षा समितियों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। AAP के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार की नशा विरोधी पहल का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत गांव स्तर पर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने और लोगों को नशा विरोधी अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकारी खर्च को लेकर उठे प्रश्न
विपक्षी दलों द्वारा कार्यक्रम में सरकारी धन के उपयोग पर उठाए गए सवालों के संदर्भ में पन्नू ने कहा कि सरकार का व्यय नशा रोकथाम और जन-जागरूकता के उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है और इससे निपटने के लिए व्यापक सामाजिक सहयोग की आवश्यकता है।
भारत में नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों को Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act) के तहत नियंत्रित किया जाता है।
गांव स्तर पर सहभागिता
पन्नू के अनुसार मोगा में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और नशा विरोधी शपथ ली। उन्होंने कहा कि अभियान के दूसरे चरण में अधिक से अधिक गांवों को इस पहल से जोड़ा जाएगा ताकि सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत किया जा सके।
सरकार की नशा विरोधी नीति
पंजाब सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाने की बात दोहराई है। राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर कानून के तहत कार्रवाई करती हैं। Narcotics Control Bureau (NCB), जो गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, देशभर में नशा नियंत्रण गतिविधियों का समन्वय करता है।
पन्नू ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रखेगी और गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएगी।