दुर्गः जिले में NSUI नेताओं ने एक युवक की होटल में लात-घूंसों से जमकर पिटाई की और उसे अधमरा कर बाहर फेंक दिया। घटना के बाद इलाज दौरान युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, उधारी के पैसों को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद पैसे नहीं लौटाने और फोन नहीं उठाने पर गुस्से में आरोपियों ने युवक को मार डाला। पुलिस ने ऋषि निर्मलकर (19) की हत्या के आरोप में मुख्य आरोपी NSUI जिला उपाध्यक्ष मेजर सागर, दुर्ग जिला संयोजक प्रशांत राव समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ऋषि के पिता कपड़े प्रेस करने की दुकान चलाते हैं, जिसमें वह उनकी मदद करता था।
जानकारी मुताबिक, मेजर सागर ने ऋषि को कुछ पैसे दिए थे, जिसे वो मांग रहा था, लेकिन ऋषि पैसा नहीं लौटा रहा था। उसने मेजर का फोन उठाना भी बंद कर दिया था। 20 जनवरी को ऋषि अपने दोस्त के साथ बाइक पर घूम रहा था कि स्टेशन रोड पर पीछे से कार में आ रहे मेजर सागर और उसके साथियों ने उसे देख लिया। इसके बाद सभी ने ऋषि को बाइक से उतारकर कार में जबरदस्ती बैठा लिया और उसे दुर्ग के 36 इन होटल ले गए। इस होटल का मैनेजर भी आरोपी मेजर सागर ही था। होटल के एक कमरे में बंद कर सभी ने ऋषि को लात-घूंसों से जमकर पीटा और फिर बाहर लाकर छोड़ दिया। इसके बाद ऋषि ने अपने दोस्त को फोन कर बुलाया और घर गया।
घर पहुंचने पर परिजनों ने चोट के बारे में पूछा, लेकिन ऋषि ने कुछ नहीं बताया। दो दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ी तो पहले स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया। बाद में हालत ज्यादा खराब होने पर उसे भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 25 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोटों की वजह से मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 26 जनवरी को हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान 27 जनवरी को पुलिस ने पहले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें एनएसयूआई जिला संयोजक प्रशांत राव (26) और लक्की उर्फ किशन कुमार ध्रुवे (18) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
वहीं, पुलिस ने अब मुख्य आरोपी मेजर सिंह सागर उर्फ राज सिंह सागर (19), काके उर्फ हरविंदर सिंह (20) और अंकित झा (22) को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी दुर्ग के ही रहने वाले हैं। पूछताछ में सभी ने अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
