भीलवाड़ाः हमीरगढ़ नेशनल हाईवे-48 के पास स्थित छोबावड़ी सगस जी धाम, रत्नेश्वर महादेव मठ में एक अनोखा आयोजन देखने को मिला जहां, चल रहे सनातन धर्म महोत्सव में नवजात बछड़ा-बछड़ी का विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। इस अनूठे आयोजन में क्षेत्रभर से उमड़ी भीड़ ने इसे यादगार बना दिया। अब इस कार्यक्रम की हर जगह चर्चा हो रही है।


जानकारी देते त्नेश्वर महादेव मठ की महंत साध्वी देवगिरी ने बताया कि हमीरगढ़ उपखंड से करीब 3 किलोमीटर दूर तखतपुरा गांव के ग्रामीणों द्वारा इस गो-विवाह के शुभ लग्न संपन्न कराए गए। गौभक्त कानाराम अहीर और राधेश्याम ने बताया कि गौशाला में 15 दिन पहले जन्मे बछड़ा-बछड़ी का विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कराया गया। विवाह से पूर्व तखतपुरा गांव के चारभुजा नाथ मंदिर (बड़ा मंदिर) से शाम को भव्य बारात रवाना हुई। बारात में ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों, डीजे और सजे-धजे घोड़ों के साथ उत्साह का माहौल रहा।

दूल्हे के रूप में सजे बछड़े को विशेष रूप से आकर्षक सजावट के साथ बैलगाड़ी में बैठाया गया। करीब 15 बैलगाड़ियों और बड़ी संख्या में पैदल चल रहे बाराती अहीर मोहल्ला होते हुए नेशनल हाईवे मार्ग से छोबावड़ी सगस जी धाम पहुंचे। बारात में लगभग 2100 ग्रामीण जिनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और साधु-संत शामिल हुए। पूरे रास्ते लोग नाचते-गाते और उत्सव मनाते नजर आए।
ग्रामीण मोहनलाल वैष्णव ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को गौवंश संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। सड़क पर भटकते मवेशियों को आश्रय दिलाने और उनके पालन-पोषण एवं उनके सम्मान के लिए लोगों को प्रेरित करना ही इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।