बुलंदशहरः उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नाबालिग गैंगरेप पीड़िता के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 4 पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। दरअसल, गैंगरेप पीड़िता ने कई पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और सीधे डीआईजी की कार के आगे जाकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद 9 पुलिसकर्मी भी उसे रोकने में नाकाम रहे। इस दौरान पीड़िता ने चीखते हुए आरोप लगाया था कि उसके साथ रेप करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। इस मार्मिक घटना के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने तुरंत संज्ञान लिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी का आदेश देते हुए पुलिसकर्मियों को कड़ी फटकार लगाई।
वहीं घटना में खुर्जा थाने के इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, डीआईजी कलानिधि नैथानी खुर्जा थाने का निरीक्षण कर बाहर निकल रहे थे, तभी पीड़िता पुलिस कर्मियों को धक्का देकर डीआईजी की कार के आगे आ गई और मदद के लिए गुहार लगाने लगी। डीआईजी ने पीड़िता को लिखित शिकायत देने को कहा और पुलिस को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। इस मामले में पहले खुर्जा कोतवाल को लाइन हाजिर किया गया था। अब, एसएसपी बुलंदशहर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और सख्त कार्रवाई की है।
खुर्जा के पूर्व कोतवाल पंकज राय, इंस्पेक्टर दिग्विजय राठी, दरोगा इकराम अली और दरोगा शुभम राठी को निलंबित कर दिया गया है। पीड़िता का आरोप है कि गांव के युवकों ने 3 जून को उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था, जिसकी शिकायत पर खुर्जा पुलिस ने 10 जून को FIR दर्ज की। पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों में से चार (आदित्य, सोनू, ललित, मंगल) को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है, लेकिन चार अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
बता दें कि यह पूरा मामला खुर्जा तहसील क्षेत्र के एक गांव का है। नाबालिग पीड़िता 3 जून को खेत से घर लौट रही थी, तभी गांव के युवकों ने उसे जबरन दबोच लिया और झाड़ियों में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता और उसके परिवार को कई दिनों तक न्याय के लिए थाने के चक्कर लगाने पड़े। पुलिस ने 10 जून को एक महिला सहित 8 लोगों पर FIR दर्ज की। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने तीन साल पहले भी उसका रेप कर वीडियो बना लिया था और तब से लगातार उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, लेकिन पुलिस की धीमी कार्रवाई से पीड़िता का भरोसा टूट गया था।
जिसके चलते उसने डीआईजी के सामने गुहार लगाई। पीड़िता की मां ने जो आपबीती बताई है, वह बेहद दर्दनाक है। उनकी नाबालिग बेटी 3 जून 2025 की रात को घर से गायब मिली। बाद में पता चला कि पड़ोस के अमरजीत अपने साथियों (रोहित, सोनू, शिवा) के साथ उसे ले गया था। 5 जून की रात वह बदहवास हालत में लौटी। पीड़िता ने खुलासा किया कि तीन साल पहले गांव के मंगल ने अमरजीत के घर में उसका रेप किया था और वीडियो बना लिया था।
इसके बाद अमरजीत और मंगल उसे लगातार ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करते रहे। जब वह गर्भवती हो गई, तो अमरजीत के भाई लव की पत्नी आशा ने उसे गर्भपात की गोलियां दीं। 3 जून को आरोपियों ने उसे होटल ले जाकर फर्जी आधार कार्ड पर कमरा बुक किया, जहां अमरजीत, रोहित, आदित्य और सोनू ने बारी-बारी से गैंगरेप किया। इसके बाद उसे बुलंदशहर रेलवे स्टेशन ले जाकर छोड़ दिया गया। जब पीड़िता लौटी, तो आरोपियों ने उसे दोबारा अगवा किया, आंखों पर पट्टी बांधी और एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर फिर सामूहिक दुष्कर्म किया। अंत में उसे मौजपुर के पास फेंककर फरार हो गए।