अलवरः पॉस्को न्यायालय ने 14 वर्ष की नाबालिग से गैंगरेप के मामले में 2 दोषियों को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक ने पहले नाबालिग को अपने प्यार के जाल में फसाया और उसके बाद उसको भागकर अपने साथ भिवाड़ी ले गया। वहां उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर नाबालिग के साथ कई बार गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस को खेड़ली थाना एरिया में रहने वाली महिला ने शिकायत दर्ज करवाई कि 6 नवंबर 2024 को वो अपने परिवार के साथ घर में सो रही थी। इस दौरान उसकी 14 साल की बच्ची भी अपने कमरे में सो रही थी। सुबह जब वो लोग उठे तो उसकी बेटी कमरे में नहीं थी। उन्होंने उसकी काफी तलाश की, परन्तु युवती का कुछ पता नहीं चल पाया। इस पर उनको मोहित नाम के युवक पर शक हुआ, जो पहले भी कई बार उससे मिलने के लिए आया था। इस पर परिजन तुरंत मोहित के घर पहुंचे।
परिजनों को पता चला कि मोहित भी बीती रात से गायब है। इस पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले में मोहित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू की। इस दौरान मोहित की लोकेशन पुलिस को भिवाड़ी में मिली।
पुलिस परिजनों के साथ भिवाड़ी पहुंची और वहां से मोहित व उसके साथी अंकित को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि मोहित उसको भगाकर ले गया था। रास्ते में उसने अपने दोस्त अंकित को लिया और उसके बाद दोनों पीड़िता को लेकर भिवाड़ी पहुंचे। अंकित और मोहित दिन में भिवाड़ी की एक कंपनी में नौकरी करते थे और रात को घर पर रहते थे। इस दौरान दोनों पीड़िता के साथ बारी-बारी से गैंगरेप करते थे। कई बार उन्होंने पीड़िता को हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने मामले में पीड़िता की डॉक्टरी जांच करवाई और मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मोहित और अंकित को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया। लगातार मामले की सुनवाई चली। इस दौरान अधिवक्ता ने 22 गवाह व 26 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए जिसके आधार पर न्यायालय ने मोहित और अंकित को दोषी मानते हुए मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपए के जुर्माने से भी दंडित किया।
