तस्मानियाः ऑस्ट्रेलिया के एक सुनसान समुद्री तट पर 150 से ज्यादा झूठी किल्लर व्हेल्स फंस गई हैं। इनमें से 50 की मौत हो चुकी है, जबकि 90 अभी जीवित हैं। हालांकि, रेस्क्यू प्रयास विफल होने के कारण अधिकारियों ने इन्हें इच्छामृत्यु देने का निर्णय लिया है।
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— Encounter India (@Encounter_India) February 20, 2025
रेस्क्यू वर्कर्स ने इन व्हेल्स को वापस समुद्र में भेजने की कई कोशिशें कीं, लेकिन तेज हवाओं और लहरों के कारण वे दोबारा तट पर लौट आईं। बचाव कार्य के लिए भारी मशीनरी नहीं भेजी जा सकी क्योंकि यह क्षेत्र दुर्गम है। जीवित व्हेल्स को समुद्र में सुरक्षित छोड़ना अब संभव नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, इन्हें तड़पने से बचाने के लिए इच्छामृत्यु देना ही एकमात्र विकल्प है।
व्हेल विशेषज्ञों के अनुसार, झुंड में रहने वाली व्हेल अक्सर एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में फंस जाती हैं। एक व्हेल के किनारे आने पर, वह संकट में अन्य को संकेत भेजती है, जिससे पूरी टोली फंस जाती है। समुद्र के जलस्तर में कमी या दिशा भ्रम भी इस घटना का कारण हो सकता है। व्हेल के शव इंसानों के लिए खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि मृत व्हेल के शरीर में मीथेन गैस बनने लगती है, जिससे यह फट सकती है। इससे संक्रमण और गंध फैल सकती है, जो इंसानों के लिए हानिकारक है। कई बार ऐसी घटनाओं में लोग घायल भी हो चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया के तटीय इलाकों में False Killer Whales का सामूहिक रूप से फंस जाना आम बात है। हालांकि, क्लार्क ने बताया कि तस्मानिया के इस खास हिस्से में 50 साल में पहली बार ऐसी घटना हुई है। उन्होंने कहा, ये प्रवासी जानवर हैं जो दुनिया भर में खुले पानी के रास्ते यात्रा करते हैं। हमारे पास अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वे इतने लंबे समय के बाद इस क्षेत्र में क्यों फंसे हुए हैं। पोस्टमार्टम जांच से और जानकारी मिल सकती है।