हटली में शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर
ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के श्री राम नाटक क्लब हटली में चल रही शिव महापुराण कथा के दौरान कथा चौथे दिवस पर पंडाल में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। उत्तरी भारत के सरल स्वभाव के धनी ठाकुर के लाडले कथा व्यास आचार्य श्री श्री तरुण डोगरा महाराज की वाणी के माध्यम से भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए उगना, सुशीला और विद्यावती की प्रेरणादायक कथाएं सुनाई गईं, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान शिव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा के दौरान व्यास पीठ से आचार्य ने कथा का वर्णन करते हुए बताया गया कि प्राचीन समय में नैमिषारण्य में अनेक ऋषि-मुनियों ने एकत्र होकर सूत ऋषि से भगवान शिव की महिमा का वर्णन करने का आग्रह किया था। सूत ऋषि ने ऋषियों को भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि जो भी सच्चे मन से भगवान शिव की भक्ति करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इसी क्रम में कथा व्यास ने उगना की कथा सुनाते हुए बताया कि भगवान शिव अपने परम भक्तों की रक्षा के लिए किसी भी रूप में उनके पास पहुंच जाते हैं। उगना की कथा में बताया गया कि एक बार भगवान शिव अपने भक्त की सेवा करने के लिए उगना नाम के सेवक के रूप में प्रकट हुए। उन्होंने अपने भक्त की निष्ठा और सच्ची भक्ति को देखकर स्वयं उसकी सेवा की और समय आने पर उसे अपने दिव्य स्वरूप का दर्शन कराया। इस कथा से यह संदेश दिया गया कि भगवान शिव सच्चे भक्तों के प्रति सदैव करुणामय रहते हैं और उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। चौथे दिन की कथा के दौरान सुशीला की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा व्यास जी ने कहा कि सुशीला एक साधारण लेकिन अत्यंत धर्मपरायण महिला थी, जो अपने जीवन में सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलती रही। उसने भगवान शिव की आराधना में अपना जीवन समर्पित कर दिया था। कथा व्यास ने बताया कि सुशीला की अटूट श्रद्धा और विश्वास के कारण भगवान शिव ने उसके जीवन की सभी कठिनाइयों को दूर किया और उसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया।
इस कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया गया कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि भगवान शिव पर अटूट विश्वास रखा जाए, तो जीवन में सफलता और शांति अवश्य प्राप्त होती है। इसके पश्चात कथा व्यास आचार्य तरुण डोगरा ने विद्यावती की कथा का भी वर्णन किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही। कथा व्यास ने बताया कि विद्यावती एक ऐसी महिला थी, जिसने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उसने कभी भी भगवान शिव की भक्ति को नहीं छोड़ा। उसकी अटूट श्रद्धा और भक्ति के कारण भगवान शिव ने उसे विशेष कृपा प्रदान की और उसके जीवन को सुखमय बनाया। इस कथा के माध्यम से यह बताया गया कि सच्ची भक्ति और विश्वास से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं और भगवान शिव अपने भक्तों की हर संकट में रक्षा करते हैं। कथा के दौरान कथा व्यास ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करता है। इसमें वर्णित कथाएं मनुष्य को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। कथा व्यास आचार्य तरुण डोगरा ने कहा कि भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों की छोटी से छोटी भक्ति से भी प्रसन्न हो जाते हैं और उन्हें मनचाहा फल प्रदान करते हैं। कथा विराम के बाद हर दिन भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। इस मौके पर क्लब के सभी सदस्यों ने बढ़चढ़ कर भाग दिया। और अपनी सेवाएं दी।
