Loading...
HomeNationalनशे में धुत रिटायर्ड फौजी ने खुद को मारी गोली, कमरे में...

नशे में धुत रिटायर्ड फौजी ने खुद को मारी गोली, कमरे में फैले खून के छींटे

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

ग्वालियरः रिटायर्ड फौजी द्वारा शराब के नशे में अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। फौजी ने अपने बिस्तर पर बैठकर लाइसेंसी राइफल की नली अपने सिर के पास रखी और ट्रिगर दबा दिया। गोली लगते ही सिर फट गया और खून के छींटे कमरे की छत तक जा पहुंचे।

जानकारी मुताबिक, मृतक का नाम श्याम बिहारी भदौरिया (50) है, जो शताब्दीपुरम के रहने वाले थे। वे मूल रूप से भिंड जिले के तुकेड़ा, मालनपुर के निवासी थे। घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। परिजनों ने बताया कि वीरवार रात खाना खाने के बाद वे अपने कमरे में सोने चले गए थे, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। रात करीब 1.30 से 2 बजे की घटना है। देर रात श्याम बिहारी के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। इस दौरान आवाज सुनकर पत्नी और बच्चे कमरे में पहुंचे। दरवाजा खोलते ही उन्होंने देखा कि श्याम बिहारी बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े थे। उनके पास में .315 बोर की राइफल पड़ी थी। परिजन ने फौरन महाराजपुरा पुलिस को सूचना दी।

महाराजपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटना के बाद जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने बिस्तर और दीवार, छत से सबूत जुटाए हैं। साथ ही राइफल से फिंगरप्रिंट लिए हैं।

पुलिस ने इस दौरान परिजनों से वारदात को लेकर पूछताछ की। परिजनों के अनुसार, श्याम बिहारी सुबह से ही शराब पी रहे थे। रात में नशे की हालत में अपने कमरे में सो गए थे, इसलिए किसी ने उन्हें परेशान नहीं किया। उन्होंने आत्महत्या क्यों कर ली हमें नहीं पता। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -

You cannot copy content of this page