कोटपूतली-बहरोड़ः शहर से एक दर्दनाक मामला सामने आया है जहां, एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से लैब टेक्नीशियन की मौत हो गई, जबकि उसके जुड़वा बच्चे घायल हो गए। व्यक्ति अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान करीब 100 साल पुराने मकान का छज्जा चलती बाइक पर आ गिरा और दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल में इलाज जारी है।
जानकारी देते पड़ोसी जयसिंह और दीपक लखेरा ने बताया कि रतनलाल प्रजापत (32) सुबह अपनी बाइक से दोनों जुड़वा बच्चों हिमांशी और हिमांशु (10) को गुरुकुल स्कूल छोड़ने नारनौल रोड पर जा रहा था। उसने घर से बच्चों को बाइक पर बैठाया और 10 मीटर दूर ही पुराने मकान का छज्जा उनपर भरभराकर गिर गया। दरअसल, दयाराम बसवाल का सालों पुराने मकान है जो जर्ज हालत में 10 साल से बंद है।
हादसे में हिमांशी और हिमांशु गंभीर घायल हो गए। हिमांशी के चेहरे पर गंभीर चोट आई हैं और हिमांशु के पैर में फ्रैक्चर है। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। जेके लोन हॉस्पिटल में दोनों का इलाज जारी है, जबकि उनके पिता रतनलाल के सिर में गंभीर चोट आई, जिन्हें बहरोड़ के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान रतनलाल की मौत हो गई।
एसएचओ प्रदीप कुमार ने बताया कि रतनलाल के चाचा लालाराम निवासी कोलीला ने बहरोड़ थाने में मामला दर्ज करवाया है। नीमराना के गांव कोलीला निवासी रतनलाल पत्नी और बच्चों के साथ बहरोड़ में अपने ससुराल में रहते थे। रतनलाल प्राइवेट हॉस्पिटल में लैब टेक्नीशियन थे। वहीं, बहरोड़ नगर परिषद कमिश्नर नूर मोहम्मद ने बताया कि मामले में एक ही परिवार के 8 लोगों को नोटिस दिया है। इसके अलावा, नगर परिषद क्षेत्र में जर्जर मकान, दुकान, भवन का सर्वे कराने और उन्हें तोड़ने के लिए टीम का गठन किया है और उसे गिराया जा रहा है।
