दुर्गः जिले के उतई थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 30-35 साल के युवक ने अपनी ही पड़ोस में रहने वाली 5 साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर रेप किया है। आरोपी बच्ची को उस वक्त उठा ले गया जब वह स्कूल से लौटने के बाद दुकान पर चॉकलेट खरीदने गई थी। हद तो तब होगी जब आरोपी ने बच्ची को मार देने की नियत से उसके मुंह को पिलो कवर से बांधकर घर के पीछे खंडहर के करीब कुएं के पास फेंक दिया। बच्ची का दुर्ग जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
जानकारी मुताबिक, नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची स्कूल से सुबह करीब 11:30 बजे स्कूल घर लौटी थी। इसके बाद वह पास की ही एक दुकान पर चॉकलेट खरीदने के लिए गई थी। आरोपी धनेश्वर साहू भी वहीं मौजूद था। वह बच्ची को पहले से जानता था क्योंकि दोनों का घर आसपास ही है। आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट दिलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ गलत काम किया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। धीरे-धीरे पूरा गांव बच्ची को ढूंढने में जुट गया। दोपहर करीब 2 बजे गांव के दो युवकों की नजर कुएं के पास पड़े एक बोरे पर पड़ी। उन्होंने देखा कि बोरा थोड़ा हिल रहा है। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। बोरे के अंदर वही 5 साल की बच्ची बंद थी। मासूम का मुंह तकिया कवर से बेरहमी से बांधा गया था ताकि वह चिल्ला न सके। उसे खोज निकालने वाले युवक ने बताया कि जब बच्ची को बाहर निकाला गया, तो वह पसीने से तरबतर थी और उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। वह इतनी डरी हुई थी कि कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। पुलिस को सूचना देकर तत्काल बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
गांव के युवक ने बताया कि अभी बच्ची ठीक है। पांच-छह साल की होगी। आरोपी का नाम धनेश्वर है जिसे मोहल्ले में जनता के नाम से लोग जानते हैं। वहीं युवक को भी हिरासत में ले लिया गया है। जिस युवक को हिरासत में लिया गया है, उसने स्वीकार किया था कि तकिया का कपड़ा उसी का था। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश है जैसे ही बच्ची के मिलने और उसके साथ हुई दरिंदगी की खबर गांव में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपी धनेश्वर साहू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। खबर मिलते ही रात करीब 9 बजे 150 से ज्यादा ग्रामीण उतई थाने पहुंच गए। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए या फिर उसे नग्न करके मोहल्ले में उसका जुलूस निकाला जाए। भीड़ इतनी उग्र हो गई कि पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से खदेड़ना पड़ा। ग्रामीण आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे थे।