लखनऊः गोबर फेंकने के विवाद में 22 साल के डेयरी संचालक की हत्या का मामला सामने आया है। पड़ोसी पहले उसकी मां को मार रहे थे, जब उसने शोरगुल सुना तो बाहर निकला। इस दौरान मां को बचाने गया तो पड़ोसियों ने उसकी मां को छोड़कर उसे खींच लिया। आरोप है कि पड़ोसी फारुख ने अपने परिवार के 7-8 लोगों के साथ मिलकर उसे बेलचे और लाठी-डंडे से पीटा। पड़ोसी तब तक घसीट-घसीटकर मारते रहे जब तक कि वह अचेत नहीं हो गया। बाद में उसे मरा समझकर पड़ोसी फरार हो गए।
जानकारी देते मृतक दानिश (22) की बहन जाफरीन ने बताया कि सबने भाई को अकेले ले जाकर मारा है। वह और सभी छोटे भाई सो रहे थे। दूसरे नंबर का भाई वामिश और अब्बू डेयरी में जा चुके थे। शोरगुल मचने लगा तो उनकी नींद खुली थी। जब निकलकर देखा तो मां (अब्दा) रो रही थीं और भाई दानिश वहीं बेहोश पड़े था। उन्होंने कहा कि मारपीट की वजह पड़ोसियों द्वारा घर के सामने गोबर फैंकना बताया जा रहा है।
मां सवेरे घर से बाहर निकलीं। उन्होंने गोबर देख पूछा कि पता नहीं कौन रोज गोबर फेंक देता है। इतना सुनते ही पड़ोसी फारुख ने कहा- हमने फेंका है। क्या कर लोगी? मां ने इसका विरोध किया तो वे मां को ही मारने लगे। भाई (मृतक) ने यह देखा तो बचाने पहुंच गए जिस पर हमलावरों ने उसे पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।