'राम रावण' और ‘माई डियर मम्मी’ जैसी फिल्मों से मशहूर फिल्म निर्देशक की मौ+त, इंडस्ट्री में शोक की लहर

'राम रावण' और ‘माई डियर मम्मी’ जैसी फिल्मों से मशहूर फिल्म निर्देशक की मौ+त, इंडस्ट्री में शोक की लहर

मुबंईः  मलयालम फिल्म इंडस्ट्री को एक बड़ा झटका लगा है। अब साउथ के जाने-माने डायरेक्टर और राइटर का निधन हो गया है। साउथ इंडस्ट्री जहां इस वक्त पर दुनिया में परचम लहरा रही है, वहां अब एक ऐसा नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। एक महान फिल्ममेकर ने अब इस दुनिया को अचानक अलविदा कह दिया है। जिस तरह से मलयालम डायरेक्टर की मौत हुई है हर कोई चौंक गया है। वो एकदम ठीक थे लेकिन अचानक ही ये बुरा हादसा हो गया। बता दें, बीजू वट्टप्पारा ने 54 साल की उम्र में दम तोड़ दिया। 13 मई को उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली है। अब इस खबर से उनके चाहने वाले बेहद दुखी है। साथ ही उनकी मौत का कारण जानकर सभी लोग शॉक्ड हैं।

उन्हें अचानक क्या हुआ और कैसे उनकी मौत हुई इस बारे में भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन उनकी जान बच नहीं पाई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साउथ डायरेक्टर बीजू वट्टप्पारा अपने वकील से मुलाकात करने के लिए केरल के मुवत्तुपुझा में पहुंचे थे। इस दौरान वो अचानक बेहोश हो गए थे और उन्हें इस हालत में तुरंत पास ही के एक अस्पताल में ले जाया जा रहा था। लेकिन बीच रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। डायरेक्टर हॉस्पिटल पहुंच पाते और डॉक्टर उनका इलाज करते उससे पहले ही डायरेक्टर न दम तोड़ दिया।

अब उनकी डेड बॉडी को मुवत्तुपुझा तालुक अस्पताल में रख गया है और उनके अंतिम संस्कार को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बता दें, उनका साउथ सिनेमा में एक बड़ा योगदान रहा है। बीजू ने ‘राम रावण’, ‘स्वंथम कार्यम जिंदाबाद’ और ‘माई डियर मम्मी’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने कलाभवन मणि स्टार ‘लोकनाथन आईएएस’ जैसी फिल्मों की स्क्रिप्ट भी लिखीं। बीजू वट्टपारा ने फिल्म ‘कलाभाम’ की स्क्रिप्ट भी भी लिखी. उन्होंने ‘चक्कर वावा’ और ‘वेलुथा कैथरीना’ जैसे नॉवेल और कई स्टोरीज-कविताएं भी लिखीं। उन्होंने अपने कविता संग्रह ‘इदावझियुम थुम्बापूवम’ के लिए कदवनाद कुट्टीकृष्णन साहित्य पुरस्कार जीता।