चंडीगढ़ः पंजाब पुलिस के चिह्नों को इस्तेमाल कर बनाए गए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट पर पुलिस के जवानों और अफसरों की वर्दी में मॉडलिंग वाली फोटो शेयर करने को वर्दी का अपमान बता पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी एडवोकेट निखिल सराफ ने हाईकोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया पर पंजाब पुलिस का नाम और चिह्नों का इस्तेमाल कर कई फर्जी अकाउंट बनाए गए हैं।
इन फर्जी अकाउंट को रोकने के स्थान पर पुलिसकर्मी और अफसर वर्दी में मॉडल की तरह फोटो खिंचवा कर इन अकाउंट पर साझा करते हैं। याची ने कहा कि इस प्रकार वे वर्दी पहनने वालों को आम लोगों से बेहतर दिखाने का प्रयास करते हैं। याची ने कहा कि इस प्रकार वर्दी का दुरुपयोग करना सीधे तौर पर वर्दी का अपमान है। याची ने बताया कि हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने सेना के जवानों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर रोक लगाई है। इसके साथ ही पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों को भी हिदायत दी गई है कि वह वर्दी में अपनी फोटो सोशल मीडिया पर न डालें।
पंजाब पुलिस के अधिकारी वर्दी के दुरुपयोग को रोकने के बजाय खुद ही इसका प्रचार कर रहे हैं। याची ने पंजाब पुलिस के कुछ अफसरों और जवानों की सोशल मीडिया पर डाली गई फोटो याचिका के साथ संलग्न की। इन फोटो में केवल पुरुष ही नहीं बल्कि महिला अधिकारी भी वर्दी में मॉडलिंग की मुद्रा में दिखाई देती हैं। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप अभी तक पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का गठन नहीं किया है जिसके चलते याची को इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट आना पड़ा। हाईकोर्ट ने याची की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।