नई दिल्लीः पावर ट्रेडिंग कंपनी पीटीसी इंडिया पिछले एक साल से भारी दबाव से गुजर रही हैं। ऐसे में अब गौतम अडानी की कंपनी ने इसमें हिस्सेदारी खरीदने की दिलचस्पी दिखाई है। अडानी के साथ ही इसे खरीदने के लिए कई और कंपनियां भी विचार कर रही हैं। माना जा रहा है कि इसकी बोली इस महीने के अंत तक आ सकती है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार अडानी ग्रुप इसे खरीदने के लिए एक बड़ा दांव लगा सकता है। राज्य के स्वामित्व वाली संस्थाएं NTPC लिमिटेड, NHPC लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की PTC India की प्रमोटर्स कंपनियां हैं और प्रत्येक 4 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि इन कंपनियों की ओर से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
अडानी ग्रुप का होगा दबदबा
वहीं पीटीसी इंडिया के प्रतिनिधि ने प्रमोटरों की हिस्सेदारी बेचने की ऐसी कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। अगर अडानी ग्रुप इस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदता है तो भारत में अडानी समूह की एनर्जी सेक्टर में और मजबूती होगी। अडानी ग्रुप की कोल माइनिंग और ट्रेडिंग बिजनेस के साथ एनर्जी सेक्टर में दबदबा है और कंपनी ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन के कारोबार में भी सक्रिय है।
अधिकारिक तौर पर अडानी ग्रुप ने नहीं दी जानकारी
अडानी ग्रुप ने इसके बारे में मेल को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि कंपनी के प्रतिनिधि का कहना है कि ग्रुप अपने बिजनेस को विस्तार देने के रूप में देख रही है। वहीं पीटीसी इंडिया के प्रतिनिधि का कहना है कि इसके बारे में फर्म को कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा, प्रमोटर्स कंपनियों के प्रवक्ता की ओर से भी कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
PTC इंडिया के शेयर 23.1 फीसदी गिरे
PTC के शेयर 12 महीने से 23.1 प्रतिशत गिर चुके हैं। ब्लूमवर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार इसका मार्केट वैल्यू 301 मिलियन डॉलर के करीब है। PTC को 1999 में एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी के रूप में शुरू किया गया था। इसे Power Trading Corp. of India के नाम से भी जाना जाता है। वेबसाइट के अनुसार, 2001 में ऊर्जा का व्यापार शुरू किया। इसकी देश में सबसे बड़ी बाजार हिस्सेदारी है और इसके ग्राहकों में भारत की सभी राज्य उपयोगिताओं के साथ-साथ कुछ पड़ोसी देशों में भी शामिल हैं।