मथुराः उत्तर प्रदेश के मथुरा में उस वक्त बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब चलते-चलते एक स्कूली बस अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय बस में बलदेव पब्लिक स्कूल के लगभग 38 छात्र सवार थे, जो केंद्रीय विद्यालय से 12वीं की परीक्षा देकर लौट रहे थे। गनीमत रही कि सभी छात्रों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि वहां से गुजर रहे एक दारोगा की नजर बस से उठते धुएं पर पड़ी और उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना बरेली हाईवे पर बाद क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर आगे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल की बस बच्चों को छुट्टी के बाद घर छोड़ने जा रही थी। इसी बीच अचानक इंजन से धुआं उठने लगा और अचानक आग भड़क गई। मौके पर चीख-पुकार मच गई।
घटना के दौरान पीछे चल रहे मांट थाने के एसआऊ सत्येंद्र सिंह ने खतरे को भांपते ही बिना देर किए अपनी कार बस के आगे लगाकर उसे रुकवाया। उनकी यह तत्परता ही 38 मासूम जिंदगियों के लिए ढाल बन गई। बस रुकते ही चालक ने पीछे देखा तो आग विकराल रूप ले चुकी थी। अफरा-तफरी के बीच सभी छात्रों को बस से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी की तेजी और समझदारी के चलते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूचना पर अग्निशन कर्मियो ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। घटना से आसपास दहशत का माहौल बन गया।
लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। आग से बस जलकर खाक हो गई है। पुलिस ने बच्चों को दूसरे वाहन से घर भिजवाया है। इस घटना के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और मौके पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही थाना रिफाइनरी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस जय बिंद गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। वहीं, सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है और सभी छात्र सुरक्षित हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।