नई दिल्लीः ईरान-इजराइल में जंग लगातार जारी है। वहीं जंग के बीच बीते दिन 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी गैस लेकर शिवालिक जहाज भारत पहुंचा था। वहीं अब एक और एलपीजी टैंकर नंदा देवी भारत पहुंच गया। इसमें 46,500 मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) है। अब एंकरेज पर शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर किया जाएगा। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने मदर वेसल MT नंदा देवी के कैप्टन और क्रू से बातचीत करने और उन्हें सुविधाएं देने के लिए जहाज का दौरा किया। ऐसे में दो दिनों में एलपीजी गैस लेकर दो जहाज होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचे हैं।
जहाज के सुरक्षित पहुंचने से संवेदनशील समुद्री मार्ग से ईंधन की ढुलाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बताया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बाद टैंकर सफलतापूर्वक खुले समुद्र में प्रवेश कर गया है। यह जहाज युद्ध से प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने के बाद गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पर पहुंचा। मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला भार का यह दूसरा जहाज है।
उन्होंने बताया था कि दो भारतीय एलपीजी जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत ला रहे हैं। ये दोनों जहाज सरकारी स्वामित्व वाली शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं। सिन्हा ने यह भी कहा था कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनसे जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम समुद्री मार्ग है, जिसे पिछले महीने शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने बंद कर दिया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर जवाबी हमले और खाड़ी में मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से वैश्विक तेल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।