परिवार ने बताया, कैसे कैप्टन सुखमीत सिंह ईरान से शिप लेकर निकले
जालंधर, ENS: ईरान, अमेरिका-इजरायल जंग के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति बनी है। इस तनाव के बीच भारत के लिए कई राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, जंग के बीच ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने से ऊर्जा संकट गहरा रहा था, लेकिन भारत के कूटनीतिक प्रयासों से एलपीजी से भरे 2 बड़े जहाज शिवालिक और नंदा देवी सकुशल होर्मुज पार गए है। जालंधर के कैप्टन सुखमीत सिंह 40,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG लिए शिवालिक जहाज लेकर भारत पहुंच गए। जबकि दूसरा नंदा देवी जहाज भी मंगलवार को भारत पहुंच जाएगा।
बीते कुछ दिनों में भारत में एलपीजी को लेकर जिस तरह की हायतौबा मची थी, उस बीच एलपीजी लदे 2 बडे़ जहाजों का भारत पहुंचना राहत की बात है। परिवार ने बताया कि जालंधर के कैप्टन सुखमीत सिंह इस देशों की जंग से पहले कतर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सुखमीत सिंह को लेकर चिंता हो रही थी, लेकिन अब भारत पहुंचने के बाद उनमें खुशी की लहर छा गई। परिवार ने कहा कि वाहेगुरु ने कृपा की है कि उनका बेटा जहाज लेकर भारत पहुंच गया है। कैप्टन सुखमीत सिंह की पत्नी संदीप कौर ने बताया कि वह 28 को कतर थे और लोडिंग कंप्लीट हो गई थी।
ईरान से होर्मुज के रास्ते को बंद करने का पता चला, जिसके बाद दुबई में उन्हें रूकने के लिए कहा गया। कतर और दुबई में लगातार मिसाइले गिर रही थी। नेवी की ओर से कैप्टन को मैसेज आया कि वह शिप में एलपीजी गैस लेकर आना है और इसमें कंपनी एससीआई उनकी मदद करेंगी। जिसके बाद 30 को कैप्टन सुखमीत सिंह वहां से शिप लेकर रवाना हो गए।
इस दौरान 14 को ईरान से शिप को कैप्टन सुखमीत सिंह क्रॉस करके निकले, जो कि काफी कठिन सफर था। परिवार के अनुसार कैप्टन उन्हें कोई ज्यादा सूचना नहीं दे रहे थे, लेकिन वह सिर्फ सब अच्छा होने का मैसेज दे रहे थे। कैप्टन सुखमीत सिंह ने आखिरी मैसेज ईरान की ओर जाने का दिया था। ईरान से सफर पूरा करने के बाद भारत पहुंचने पर कैप्टन ने आखिरी मैसेज किया कि सभी शिप में सवार लोग सही सलामत भारत पहुंच गए है। जिसके बाद परिवार में खुशी का लहर छा गई और परिवार ने गर्व महसूस किया।