ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिले की कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के जोगीपंगा में रविवार को राज्य अनुसूचित जाति आयोग की ओर से एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान ने की। इस अवसर पर कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा तथा अधिवक्ता शालिनी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। शिविर का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं तथा कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
अपने संबोधन में आयोग के अध्यक्ष पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग को अनेक महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं, लेकिन आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग इनके प्रति पूरी तरह जागरूक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अनुसूचित जाति वर्ग के किसी व्यक्ति के साथ अत्याचार होता है तो वह आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। आयोग ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और आयोग 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि आयोग में प्राप्त होने वाली शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और मामलों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऐसे जागरूकता शिविर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।
डॉ. अंबेडकर के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा, “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करते रहो। संघर्ष के बिना कौमें बिखर जाती हैं।” उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में डॉ. अंबेडकर ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए शिक्षा, सरकारी नौकरियों और विधायिका में आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की, जिससे समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला। इस अवसर पर कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुटलैहड़-बंगाणा दौरे के दौरान क्षेत्र को मिली महत्वपूर्ण सौगातों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विशेष रूप से तुरकाल-पंगा पेयजल योजना के शिलान्यास तथा बंगाणा में डीएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इन निर्णयों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं और कानून व्यवस्था दोनों सुदृढ़ होंगी। उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर बनाने में मदद मिल रही है। इसके अलावा अनुवर्ती कार्यक्रम, कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को राहत दिलाने संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा तथा अधिवक्ता शालिनी ने भी अपने विचार रखते हुए उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। आयोग के सदस्य सचिव वरिंद्र शर्मा ने भी आयोग के कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति वर्ग के सैंकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और गंभीरता के साथ विचार सुने। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश समन्वयक अनुसूचित जाति विभाग लेख राज भारती, जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग बलराम महे, ब्लॉक अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग कुटलैहड़ गुरपाल कलसी,राज महे राष्ट्रीय दलित आंदोलन महासचिव, चरणी देवी, सुषमा देवी और नीलम देवी महिंदर सिंह लाठियानी, रमेश बंगा, गुलजारी लाल, दुर्गा दास और राकेश कटनोरिया,सत्या देवी के अतिरिक्त कार्यक्रम में कुटलैहड़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिंका, उपमंडलाधिकारी सोनू गोयल, बीडीओ किशोरी लाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी आवास पंडित सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।