चंडीगढ़: पंजाब के शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब को कुशल मानव संसाधन का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है और शिक्षा व्यवस्था को प्रतिभा, नवाचार और उद्यमिता का पावरहाउस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वे Progressive Punjab Investors’ Summit 2026 के दौरान आयोजित “ज्ञान से पूंजी तक: यूनिवर्सिटीज़ को प्रतिभा, नवाचार और उद्यमिता इंजन में बदलना” विषय पर सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

बैंस ने बताया कि उद्यमिता मानसिकता कोर्स (EMC) के तहत सितंबर 2025 से अब तक एक लाख से अधिक छात्रों ने अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, जिनसे लगभग 66 करोड़ रुपये का सामूहिक राजस्व उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि 2025-26 सत्र से बीबीए, बीकॉम, बीटेक और बीवोक जैसे पाठ्यक्रमों में उद्यमिता को अनिवार्य विषय बनाया जा रहा है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यवसाय, नेतृत्व और समस्या-समाधान जैसे व्यावहारिक कौशल भी मिल सकें।
उन्होंने बताया कि पंजाब आज एक बड़े शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां 40 विश्वविद्यालय, 1000 से अधिक कॉलेज और करीब 7 लाख छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। राज्य में Indian Institute of Technology Ropar, Indian Institute of Science Education and Research Mohali, Indian Institute of Management Amritsar और All India Institute of Medical Sciences Bathinda जैसे संस्थान शिक्षा के स्तर को मजबूत कर रहे हैं। इस दौरान अधिकारियों ने ‘हुनर पोर्टल’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को उद्योगों से जोड़ने और प्रशिक्षण व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की पहल की भी जानकारी दी।