पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पंजाब दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य के अहम मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को उम्मीद थी कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), किसान कर्ज माफी और विशेष आर्थिक पैकेज जैसे मुद्दों पर ठोस घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
एसएएस नगर में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार पंजाब की मांगों को अनदेखा कर रही है और राज्य के हक के फंड भी रोके जा रहे हैं।
केंद्र से बड़ी उम्मीदें, लेकिन नहीं मिला समाधान
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि किसान और आम नागरिक केंद्र से ठोस फैसलों की उम्मीद कर रहे थे, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि MSP की कानूनी गारंटी, किसानों के कर्ज की माफी और अन्य राहत उपायों पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन दौरे के दौरान इन मुद्दों पर कोई स्पष्ट बात नहीं हुई।
फंड रोकने के आरोप
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर पंजाब के फंड रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण विकास फंड (RDF) और जीएसटी से जुड़े बकाया अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ राहत के लिए घोषित ₹1,600 करोड़ की राशि भी राज्य को नहीं मिली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ के समय केंद्र के नेता केवल दौरा करने आए, लेकिन वास्तविक मदद नहीं दी गई।
ड्रग्स और सीमा सुरक्षा पर सवाल
ड्रग्स तस्करी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और तस्करी रोकना केंद्र की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद पंजाब सरकार अपने संसाधनों से 550 किलोमीटर लंबी सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगा रही है।
उन्होंने अन्य राज्यों में ड्रग्स की बड़ी बरामदगी पर कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
गैंगस्टरवाद पर चिंता
मुख्यमंत्री मान ने गैंगस्टरवाद को राष्ट्रीय स्तर की गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इससे देश की एकता और सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर पर्याप्त कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक टिप्पणी और सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने पंजाब में भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में नफरत की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर किए गए रोजगार और आर्थिक वादों के अधूरे रहने पर भी सवाल उठाए।
निवेश और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद पंजाब सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
उन्होंने कहा कि यह समिट निवेश और व्यापार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक मजबूत मंच साबित हो रही है।