ऊना/सुशील पंडित : भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता अरुण कौशल ने आज कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान मध्य पूर्व युद्ध के कारण उत्पन्न गैस संकट उतना ही गंभीर है जितना कांग्रेस शासनकाल में हर समय रहता था। उन्होंने कांग्रेस को देश की ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर करने वाली नीतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मोदी सरकार इस वैश्विक संकट के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देकर स्थिति को संभाल रही है।
अरुण कौशल ने अपने बयान में कहा, “गैस का जितना संकट अभी युद्ध काल में है, उतना संकट तो कांग्रेस राज में हर समय रहता था। उस समय उपलब्धता की समस्या स्थायी थी – सिलेंडर बुकिंग के बाद हफ्तों का इंतजार, कालाबाजारी और वितरण प्रणाली की कमजोरी आम बात थी। आज का संकट भले ही ईरान-इजराइल युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी से उपजा हो, लेकिन कांग्रेस की सरकारें कभी भी ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने में सफल नहीं हुईं। प्रधानमंत्री मोदी की उज्ज्वला योजना ने करोड़ों घरों तक गैस पहुंचाई, जबकि कांग्रेस के समय लोग रिश्वत देकर सिलेंडर लेते थे।”
कौशल ने आगे जोड़ा कि वर्तमान संकट में सरकार ने घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता दी है, जिससे कमर्शियल सेक्टर प्रभावित हुआ है, लेकिन यह अस्थायी है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि उनके शासन में क्यों गैस वितरण इतना अक्षम था कि हर मौसम में कमी महसूस होती थी। “कांग्रेस की नीतियां देश को ऊर्जा के मामले में पिछड़ा रखती थीं, जबकि भाजपा सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रही है,” उन्होंने कहा।
अरुण कौशल ने युवाओं से अपील की कि वे कांग्रेस की विफलताओं को याद रखें और मोदी सरकार के प्रयासों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि यह संकट जल्द ही समाप्त होगा, लेकिन कांग्रेस की विरासत हमेशा देश को याद रहेगी।