चंडीगढ़ः पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने केंद्र की विदेश नीति को लेकर जमकर निशाने साधे। मीडिया से बात करते हुए वित्त में ने कहा कि केंद्र की विदेश ने देश को संकट के कगार पर ला खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज देश गैस और तेल के संकट का सामना करने की कगार पर खड़ा है। वित्त मंत्री ने कहा कि बीजेपी की विदेश नीति ने देश को बुरी तरह कमजोर कर दिया है। देश को अमेरिका को सौंपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते और ईरान-अमेरिका के बीच भारत की भूमिका देश के आम लोगों और मजदूरों के लिए हानिकारक है।
वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान- इजराइल और अमेरिका युद्ध का असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। देश की एनर्जी सेक्टर पर इसका असर देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में तेल और गैस के सकंट से भारत को जूझना पड़ेंगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की इस पॉलिसी ने देश की अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंचाई है, क्योंकि तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि देश को यूएसए के सामने बेचने की कोशिश भाजपा ने की है।
ईरान और यूएसए की जंग केंद्र जो रोल अदा कर रही है, वह किसानों, मजदूरों और कारोबारियों के लिए हानिकारक है। गैस सिलेंडर के दामों में केंद्र ने पहले ही बढ़ौतरी कर दी है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते भारत ने स्टैंड नहीं लिया और भारी नुकसान भारत को उठाना पड़ सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि आज ईरान ने भारत को छूट दी है कि अगर भारत ईरान से तेल खरीदना चाहता है तो वह खरीद सकता है, लेकिन भारत के प्रधान मंत्री और गृह मंत्री ने मौन धारण किया है।
हरपाल चीमा ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मृत्यु और 165 स्कूली छात्रों की बम विस्फोट में हुई मौत के मामलों पर देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और विदेश मंत्री मौन साधे हुए हैं। ईरान के साथ भारत के साथ अच्छे व्यापारिक संबंध थे, वहीं रूस के साथ भारत के अच्छे व्यापारिक संबंध थे। इससे पता चलता है कि देश का प्रधानमंत्री बुरी तरह से फेल हो चुका है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि जो स्टिंग फाइल खुल रही है, इससे डर के कारण भाजपा देश के हितों को यूएसए के आगे बेचने का काम किया है। चीमा ने कहा कि पंजाबियों ने कुर्बानियां देकर देश को आजाद करवाया है। उन्होंने कहा कि हम भारत देश को गुलाम नहीं बनने देंगे और देश को यूएसए की मंडी नहीं बनने देंगे।