लुधियानाः जिले में साइबर ठगों द्वारा लगातार नए नए कारनामें किए जा रहे है। वहीं अब साइबर ठगों ने पुलिस कमिश्नरेट में तैनात असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) ट्रैफिक गुरदेव सिंह की सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर फर्जी आईडी बना दी। इस दौरान साइबर ठगों ने एसीपी की फर्जी आईडी पर 49 फ्रैंड भी जोड़कर उनके दोस्त को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे। जिसके बाद एसीपी को फर्जी आईडी के बारे में पता चला। दोस्त से पता चलने के बाद एसीपी गुरदेव सिंह ने देर रात ऑफिशियल फेसबुक पर फर्जी अकाउंट के संबंध में पोस्ट शेयर की। जिसमें एसीपी ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि किसी व्यक्ति ने उनकी फर्जी फेसबुक आईडी बना दी है और वो उनके दोस्तों को फ्रैंड रिक्वेस्ट भेज रहा है।
लोग एसीपी की फ्रैंड रिक्वेस्ट के चक्कर में असेप्ट भी कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि इस आईडी से आने वाली फ्रैंड रिक्वेस्ट को इग्नौर करें और फोलो भी न करें। उनका कहना है कि ये कोई शरारती तत्व हो सकते हैं और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के बाद आपके साथ ठगी कर सकते हैं। एसीपी गुरदेव सिंह की जो फर्जी फेसबुक आईडी बनी है उस पर उनका नाम हिंदी में गुरदेव सिंह लिखा है जबकि जो उनकी असली आईडी है उसमें नाम अंग्रेजी में लिखा गया है।
जिस भी शातिर ने एसीपी गुरदेव सिंह की फर्जी फेसबुक आईडी बनाई है उसने गुरदेव सिंह की ऑरिजनल फेसबुक की कवर फोटो को फर्जी आईडी की प्रोफाइल पर लगा दिया। वहीं एक महिला से अवार्ड लेने वाली फोटो को फर्जी आईडी में कवर पर लगा दिया है। फर्जी फेसबुक आईडी पर लोगों को शक न हो इसके लिए ठगी करने वाले ने गुरदेव सिंह की असली आईडी में लिखी डिटेल को फर्जी आईडी में उसी तरह लिख दिया।
असली आईडी में एसीपी ने लुधियाना और खानपुर का जिक्र किया तो फर्जी आईडी में भी वही कुछ लिखा गया है। गुरदेव सिंह की असली आईडी की डिस्क्रिप्शन में राष्ट्रपति पदक के साथ मुख्यमंत्री अवार्ड से संबंधित जानकारी दी गई है। फर्जी आईडी में भी ऐसी जानकारियां लिखी गई हैं। गुरदेव सिंह के नाम से जो फर्जी आईडी बनाई गई है उसे 11 मार्च को बनाया गया। 12 मार्च रात को करीब 11:30 बजे उसकी कवर फोटो व प्रोफाइल फोटो अपलोड की गई। जब एसीपी ने फर्जी आईडी की जानकारी सांझा की तो उस समय 39 फ्रैंड थे जो कि रात तक 43 हो गए।