चंडीगढ़ — हरियाणा में स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक पीएम श्री स्कूल को बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो वर्षों तक 2 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। यह राशि केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी, जिसमें 21 प्रमुख घटकों को शामिल किया गया है, ताकि सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने पीएम श्री योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्कूलों की बुनियादी और शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करने तथा कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियां गठित की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि ये समितियां अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का दौरा कर बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करें तथा प्राथमिकता वाले कार्यों की पहचान करें, ताकि उपलब्ध राशि का सही ढंग से उपयोग किया जा सके। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि इन स्कूलों में सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए और जिलों में तैनात एचसीएस अधिकारी कम से कम एक पीएम श्री स्कूल को गोद लेकर उनके मार्गदर्शन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने बताया कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन पीएम श्री स्कूलों और तीन मॉडल संस्कृति स्कूलों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य में विभिन्न चरणों के तहत कुल 250 पीएम श्री स्कूलों का चयन किया गया है और 143 विकास खंडों में से 137 को इस योजना के अंतर्गत कवर किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 के लिए योजना का स्वीकृत बजट 191.69 करोड़ रुपये है, जिसमें से 95.87 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है और 29.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इन विद्यालयों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनमें सौर ऊर्जा संयंत्र, एलईडी लाइटिंग, जल संरक्षण प्रणाली, पोषण वाटिका, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, साथ ही स्मार्ट कक्षाएं और डिजिटल शिक्षण उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी।