संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह निवेश पंजाब में लगातार बेहतर हो रहे कारोबारी माहौल और राज्य सरकार द्वारा लागू की गई निवेशक-अनुकूल नीतियों में उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। जेएल ओसवाल समूह का ₹1,550 करोड़ का निवेश राज्य की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों और उद्योग-अनुकूल माहौल बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर मजबूत मुहर लगाता है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति देश के सबसे व्यापक प्रोत्साहन ढांचे में से एक प्रदान करती है, जिससे निवेशक अपनी विकास योजनाओं के अनुरूप प्रोत्साहनों का चयन कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप पंजाब एक बार फिर उद्योग और नवाचार के लिए एक पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है।
मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित निवेश डिजिटल बुनियादी ढांचे, टेक्सटाइल, औद्योगिक पार्क, आतिथ्य क्षेत्र, वस्त्र निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस निवेश से आने वाले वर्षों में लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार और विनिर्माण क्षमता के विस्तार के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 4,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
क्षेत्रवार निवेश योजना का उल्लेख करते हुए संजीव अरोड़ा ने बताया कि एस्सार रुइया समूह की तकनीकी कंपनी ब्लैक बॉक्स के सहयोग से डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग ₹500 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा टेक्सटाइल उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए स्पिनिंग और टेक्सटाइल विनिर्माण सुविधाओं के उन्नयन तथा विस्तार पर ₹450 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिससे उत्पादकता बढ़ेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पंजाब के विनिर्माण और सप्लाई-चेन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लॉजिस्टिक पार्कों, औद्योगिक पार्कों और सहायक बुनियादी ढांचे के विकास पर ₹400 करोड़ खर्च किए जाएंगे। वहीं बढ़ती व्यावसायिक यात्रा और पर्यटन को समर्थन देने के लिए एक नए होटल प्रोजेक्ट के माध्यम से आतिथ्य क्षेत्र में ₹100 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
संजीव अरोड़ा ने कहा कि आधुनिक वस्त्र निर्माण सुविधाओं की स्थापना के लिए ₹50 करोड़ और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सौर एवं टिकाऊ ऊर्जा परियोजनाओं में भी ₹50 करोड़ का निवेश किया जाएगा। उन्होंने जेएल ओसवाल समूह के चेयरमैन कमल ओसवाल के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब में निवेश बढ़ाने का यह निर्णय राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मंत्री ने बताया कि कमल ओसवाल के नेतृत्व में जेएल ओसवाल समूह की पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और असम में मजबूत औद्योगिक और अवसंरचनात्मक उपस्थिति है। समूह टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक पार्क, औद्योगिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और आतिथ्य क्षेत्र में सक्रिय है। वर्तमान में समूह का संयुक्त वार्षिक कारोबार लगभग ₹8,000 करोड़ है, जो विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, जेएल ओसवाल समूह के प्रबंध निदेशक कमल ओसवाल तथा कार्यकारी निदेशक अभिनव ओसवाल भी उपस्थित।