जालंधर, ENS: कनाडा में पंजाबी यूट्यूबर 45 वर्षीय नैंसी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या को लेकर मां ने खालिस्तानियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। नैंसी की मां ने कहा था कि खालिस्तानियों से बेटी को पहले भी धमकियां मिल चुकी थी। वहीं नैंसी की हत्या को लेकर खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत पन्नू का वीडियो सामने आया है। पन्नू का कहना है कि खालिस्तानी किसी का कत्ल नहीं करते। खालिस्तान एक पॉलिटिकल विचार है। नैंसी की मौत के बाद खालिस्तानियों को निशाना बनाया जा रहा है। पन्नू ने वीडियो में दावा किया कि नैंसी कत्ल केस में खालिस्तानियों का कोई हाथ नहीं है।
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पन्नू ने कहा कि कनाडा के अंदर वसूली, हत्या और जासूसी का नेटवर्क चलाया जा रहा है। अगर इस बीबी के कत्ल की जड़ तक जांच की जाएगी, तो इसमें भी भारतीयों का हाथ निकलेगा। कई लोग यहां पर ऐसे षड्यंत्र रच रहे हैं। खालिस्तान एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक राजनीतिक राय है। बहुत से ऐसे लोग थे जो नैंसी को मरवाना चाहते थे। पन्नू ने कहा कि नैंसी ग्रेवाल से पहले खालिस्तानी निज्जर का भी कत्ल हुआ है।
उसके तार भी भारत से जुड़े होने का दावा किया गया है। पन्नू ने कहा कि यहां पर कई तरह की एजेंसियां काम कर रही हैं जो लोगों को मरवाकर सेंटिमेंट से खेलती हैं। नैन्सी की हत्या से खालिस्तान के खिलाफ नैरेटिव बनाया जा रहा है। बता दें कि 3 मार्च की करीब रात साढ़े 9 बजे चाकू मारकर नैंसी की हत्या कर दी गई थी। हत्या के 5 दिन बाद भी कनाडा के लासाल की पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच पाई है। लासाल के एक चैनल को दिए इंटरव्यू में नैंसी की बहन अलीशा ने सीसीटीवी फुटेज जारी किया है, जिसमें नैंसी के घर को कुछ लोगों ने जला दिया था।
अलीशा का दावा है कि नैंसी को मारने से पहले 40 बार थ्रेट कॉल आई थी। अलीशा ने कहा कि बहन नैंसी सोशल मीडिया पर एक्टिव थी और खालिस्तान आंदोलन के खिलाफ खुलकर अपनी राय रखती थी। अलीशा ने बताया कि वे दोनों बहुत करीब थीं और हर घंटे वीडियो कॉल पर बात करती थीं। यह कोई अचानक हुई हिंसा नहीं है, बल्कि नैंसी ग्रेवाल की हत्या एक सोची समझी साजिश है। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। नैंसी की मां जालंधर से कनाडा पहुंच गई है, लेकिन अभी नैंसी के संस्कार को लेकर कोई वीडियो सामने नहीं आई है।