ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने संगत को इतिहास से करवाया रू-ब-रू
अमृतसरः महान सिख शहीद भाई तारा सिंह वान की 300वीं शहादत की सालगिरह को समर्पित धार्मिक जश्न की सीरीज के तहत श्री अकाल तख्त साहिब से एक बड़ा खालसाई मार्च शुरू किया गया। इस मार्च को पंज प्यारों की अगुवाई में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में गुरु की संगत, निहंग सिंह, उपदेशक और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य शामिल हुए। इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि सिख इतिहास शहीदों की कुर्बानियों से भरा पड़ा है और भाई तारा सिंह वान ने अपने 21 साथी सिखों के साथ 1726 में गांव वान में शहादत देकर देश की आन-बान और शान की रक्षा की थी।
उन्होंने कहा कि इस 300वीं शहीदी शताब्दी को मनाने के लिए खास कोशिशें की जा रही हैं और इसी के तहत श्री अकाल तख्त साहिब से ‘गुरसिखों एको प्यार खालसा मार्च’ शुरू किया गया है। इस मार्च का मुख्य मकसद सिख युवाओं को गुरमत और सिख धर्म से जोड़ना है ताकि वे गुरुओं की शिक्षाओं और शहीदों की कुर्बानियों से प्रेरणा ले सकें। ज्ञानी गर्गज ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने दुनिया को प्यार, स्नेह और भाईचारे का संदेश दिया है और सिख कौम को इस मूल मंत्र को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे 12, 13 और 14 मार्च को होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि दें। उन्होंने कहा कि 11 मार्च को यह खालसा मार्च गांव में खत्म होगा, जहां बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस दौरान SGPC सदस्य भाई मनजीत सिंह ने कहा कि भाई तारा सिंह और उनके साथी सिंहों ने मुगल शासन के खिलाफ बेमिसाल बहादुरी से लड़ाई लड़ी और सिख समुदाय की रक्षा के लिए बड़ी कुर्बानियां दीं। उन्होंने कहा कि माझा की धरती गुरुओं और शहीदों की धरती है, जहां से सिख समुदाय के कई महान योद्धाओं ने जन्म लिया और इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि 13 और 14 मार्च को माझा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु हिस्सा लेंगे।
इस मौके पर SGPC मेंबर गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर के समय के बाद जब सिखों पर जुल्म बढ़े और सिखों के सिर पर कीमतें लगाई गईं, उस समय भाई तारा सिंह वान जैसे महान सिंहों ने अपनी जान कुर्बान करके सिख कौम का वजूद बनाए रखा। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का फ़र्ज़ है कि वह सिख धर्म का प्रचार करे और नई पीढ़ी को इसके महान इतिहास से जोड़े। उन्होंने कहा कि ये इवेंट SGPC प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की लीडरशिप में किए जा रहे हैं और प्रचारक सिंह गांव-गांव जाकर संगत को इवेंट में हिस्सा लेने के लिए मोटिवेट कर रहे हैं।