नई दिल्लीः बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से 9 मार्च को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट देखने को मिली। बीते सप्ताह भर-भराकर टूटने के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही 2400 से अधिक अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने 800 अंक से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। इस गिरावट के पीछे के एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं, जो सीधे अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान युद्ध से जुड़े हुए हैं।
इससे निफ्टी में बड़ा गैप-डाउन ओपनिंग होने की संभावना जता रहा था। सेंसेक्स 78,918.90 के मुकाबले 77,056.75 पर खुलने के बाद करीब साढ़े 9 बजे 2426.30 अंक या 3.07 फीसदी गिरकर 76,492.60 पर है। वहीं निफ्टी 24450.45 के मुकाबले 23,868.05 पर खुलने के बाद 732.80 अंक या 3 फीसदी टूटकर 23,717.65 पर है। निफ्टी पर श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, L&T, अडानी पोर्ट्स बड़े लूजर्स में से हैं, जबकि ONGC और कोल इंडिया फिलहाल गेनर्स हैं।
शेयर बाजार में गिरावट का संकेत गिफ्ट निफ्टी से भी मिल रहा था, जो कि सुबह साढ़े 7 बजे 765.50 अंक या 3.11 फीसदी की जबरदस्त गिरावट के साथ 23810.50 पर था। निवेशकों की नजर वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर उनके असर पर है। इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतें ग्लोबल मार्केट में $100 प्रति बैरल के ऊपर चली गई हैं, कुछ रिपोर्ट्स में $110 के करीब पहुंच गई हैं। साथ ही, अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है और वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स में भी तेज बिकवाली देखी जा रही है।
पिछले हफ्ते में निफ्टी हर दिन (गुरुवार की रिकवरी को छोड़कर) 1% से ज्यादा गिरा है। निफ्टी बैंक भी रिकॉर्ड हाई से 4,000 पॉइंट नीचे है। Indian Stock Market में बीते सप्ताह भी बड़ी उथल-पुथल मची थी और सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को तो दोनों इंडेक्स बुरी तरह बिखरे हुए नजर आए थे। शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स दिनभर की गिरावट के बाद बाजार बंद होने पर 1097 अंक की गिरावट लेकर बंद हुआ था, तो वहीं NSE Nifty 315 अंक फिसलकर क्लोज हुआ था।