जालंधर, ENS: मेहतपुर के गांव उदोवाल में कबड्डी खिलाड़ी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मृतक की पहचान वंश के रूप में हुई है। वंश की मौत को लेकर गांववासियों का कहना है कि वंश की मौत नशे के कारण हुई है। दूसरी ओर पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। वंश ने 2 साल पहले 12वीं कक्षा पास की थी। वह स्कूल लेवल से ही कबड्डी खेलता था और वह कई टूर्नामेंट खेल चुका है।
वह घर उदोवाल से साथ लगते गांव बालोकी खेड़ा रोड में गया था, जहां उसका संदिग्ध हालत में शव मिला तो राहगीरों ने सूचना गांव सरपंच और पारिवारिक सदस्यों को दी। परिवार में उसके माता पिता छोटा भाई और एक छोटी बहन है। परिवार ने वंश की मौत की शिकायत पुलिस को नहीं दी और उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
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गांव उधोवाल के पंच मनप्रीत सिंह ने बताया कि वंश एक शानदार खिलाड़ी था और उसने अनगिनत कबड्डी टूर्नामेंट में स्कूल को रिप्रेजेंट किया था। उसने दो साल पहले 12वी की थी और वह जैसे ही वह स्कूल के बाद टीचरों से दूर हो गया, ड्रग्स ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। यह ड्रग्स से मौत का पहला मामला नहीं है। 17 फरवरी को, उसके पड़ोसी जसदीप सिंह जस्सा की संदिग्ध ओवरडोज से मौत हो गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी थी।
वहीं एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि वंश की 7 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वंश का रिकार्ड खंगाला गया तो पता चला कि नशे का आदी था और पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत 6 जून को नशा छुड़ाओं केंद्र में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान पुलिस द्वारा वंश के खिलाफ 110 नंबर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद वंश नशा छोड़ चुका था। परिवार के अनुसार नशे के कारण वंश की मौत नहीं हुई है, बल्कि बीमार रहने के कारण वंश की मौत हुई है।