नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच में ईरान के सीनियर नेता और सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि तेहरान उन्हें अकेला छोड़ेगा और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। शनिवार को लारीजानी ने कहा कि ईरान अपने नेता के खून का बदला लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
ट्रंप को हुआ अंदाजा
ईरान के सरकारी टेलीविजन के साथ बात करते हुए आरोप लगाया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की प्रतिक्रिया को गलत तरीके से आंका है। यह लड़ाई जल्द खत्म होने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि – ट्रंप को वेनेजुएला में जो हुआ उसका अंदाजा हो गया था। उन्हें यह पसंद आया। उन्हें लगा कि वो ईरान में भी जल्द ही ऐसा कर सकते हैं लेकिन अब वो खुद बुरी तरह फंस गए हैं। अली लारीजानी ने कहा कि – हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने जो किया है उसकी कीमत उन्हें चुकानी होगी। उन्होंने हमारे लीडर को मारा और हमारे 1000 से ज्यादा लोगों को शहीद कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी उन्होंने अपनी चेतावनी दोहराई। उन्होंने लिखा कि जब तक ईरान अपने नेता के खून का बदला नहीं ले लेता तब तक तेहरान नरम नहीं पड़ेगा।
अकेला नहीं छोड़ेंगे
पोस्ट में लिखा कि – हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे जब तक हम उनके लिए बदला नहीं लेते। मिडिल ईस्ट में युद्ध होने के पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद लारीजानी सबसे चर्चित और प्रभावशाली नेता बनकर उभरे हैं। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लारीजानी की चेतावनियों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि ईरानी अधिकारी कौन है और उनकी बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप ने कहा कि – मुझे नहीं पता वह किस बारे में बात कर रहे हैं और वह कौन है। मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है। ईरान पहले ही हार चुका है। उन्होंने ईरान के दूसरे नेताओं की आलोचनाओं को भी नजरअंदाज करते हुए कहा कि वो लगातार कमजोर होता जा रहा है।
अमेरिकी सैन्य अभियान जारी रहेंगे
उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी सैन्य अभियान चलता रहेगा और ईरान को बिना किसी शर्त के सरेंडर करना होगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध शुरु होने के बाद तेहरान के जवाबी हमलों को लेकर पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि ईरान तब तक एक-दूसरे देशों को निशाना बनाया है। जब तक उस पर हमला नहीं किया जाएगा। ईरान ने किसी पड़ोसी देश को निशाना नहीं बनाया है।
मसूद पेजेशकियन ने लिखा कि – हमने अपने दोस्त और पड़ोसी देशों पर हमला नहीं किया है बल्कि हमने इस इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, सुविधाओं और इंस्टॉलेशन को टारगेट किया है। ईरान की इस सफाई पर ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि तेहरान यह संकेत दे रहा है कि वो उकसाए जाने पर भी खाड़ी देशों पर हमला करने से बचना चाहता है।
यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल ने एक हफ्ते पहले ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इससे पूरे इलाके में बड़े स्तर पर युद्ध फैलाने का खतरा बढ़ गया है और कई खाड़ी देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।