तेहरानः ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध 8वें दिन में पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ कोई बातचीत या समझौता नहीं होगा। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका की यह मांग कि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करे। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा सपना है जिसे अमेरिका को अपनी कब्र तक ले जाना होगा। अपने संबोधन में पेजेशकियन ने यह भी कहा कि ईरान की ओर से मिडिल ईस्ट के कुछ देशों पर हुए हमलों के लिए उन्हें खेद है।
उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि ईरान इन हमलों को रोक देगा। उनका कहना था कि यह घटनाएं सैन्य तंत्र के भीतर हुई गलतफहमी के कारण हुईं। राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया कि तेहरान पड़ोसी देशों को तब तक निशाना नहीं बनाएगा “जब तक कि वहां से हमला न हो जाए”। ईरानी सरकारी टीवी पर दिखाए गए एक भाषण में पेजेशकियन ने कहा, “मुझे अपनी तरफ से और ईरान की तरफ से उन पड़ोसी देशों से माफ़ी मांगनी चाहिए जिन पर ईरान ने हमला किया है।
अंतरिम लीडरशिप काउंसिल कल इस बात पर सहमत हुई कि पड़ोसी देशों पर और हमले नहीं किए जाएंगे और कोई मिसाइल तब तक नहीं चलाई जाएगी जब तक कि ईरान पर हमला उन देशों से न हो।” पेज़ेशकियन ने साफ कह दिया है कि तेहरान “सरेंडर नहीं करेगा”। उन्होंने कहा, “दुश्मनों को ईरानी लोगों के सरेंडर की अपनी इच्छा को अपनी कब्र में ले जाना चाहिए।”
न्यूक्लियर बातचीत रुकने और ईरान के न्यूक्लियर एक्टिविटी फिर से शुरू करने के दावों के बाद, यूएस और इज़राइल ने 28 फरवरी को पूरे ईरान में मिलकर हवाई हमले किए। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम के इन हमलों में राजधानी तेहरान समेत ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया गया और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, उनकी पत्नी, बेटी, दामाद और पोती मारे गए। इसके बाद ईरान ने इज़राइल और इलाके के देशों – खासकर खाड़ी के इलाकों, जैसे दुबई, अबू धाबी, कतर, कुवैत और बहरीन – में US के हितों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनके वीडियो में भारी तबाही दिख रही है।