नई दिल्ली: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर अटकलें शुरु हो गई हैं। इसी बीच असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने संकेत भी दिया है कि नए सुप्रीम लीडर का चयन लगभग पूरा हो चुका है। बता दें कि ये असेंबली ईरान का सुप्रीम लीडर चुनने का काम करती है।
खामेनेई की मौत के बाद अलीरेजा अराफी को ईरान का कार्यकारी सुप्रीम लीडर बनाया गया है। वहीं अब ईरान की बागडोर खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के हाथ जाती दिख रही है।
बता दें कि ईरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में खामेनेई के साथ-साथ उनकी बीवी, बेटी, बहू और नातिन की भी मौत हो गई थी परंतु उनका बेटा मोजतबा खामेनेई अभी भी जिंदा और सुरक्षित है।
जल्द हो सकता है नए लीडर का ऐलान
बुधवार को ईरानी सरकार टीवी से बात करते हुए असेंबली एक्सपर्ट्स के सदस्य अयातुल्ला अहमद खातमी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि – सुप्रीम लीडर की पहचान बहुत ही जल्द की जाएगी। हम एक नतीजे के करीब हैं हालांकि देश की स्थिति युद्ध की स्थिति है।
ईरानी सूत्रों के अनुसार, अयातुल्लाहह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई इस दौड़ में सबसे आगे और प्रभावशाली व्यक्ति बनकर उभरे हैं। मोजतबा अब तक हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में सुरक्षित बच गए हैं। वो ईरानी मौलवी तंत्र के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माने जाते हैं।
आखिर कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई ने ईरान के पवित्र शहर कोम के मदरसों से पढ़ाई की है। उनके ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ बहुत ही अच्छे संबंध है। यही कारण है कि उन्हें अपने पिता के उत्तराधिकारी के रुप में सबसे प्रबल उम्मीदवार देखा जा रहा है।
ईरानी कुर्द समूहों की अमेरिका से रणनीतिक चर्चा
सूत्रों की मानें तो यह योजना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और इजरायल ईरान के ठिकानों पर बम और मिसाइल से हमले कर रहे हैं। दो सूत्रों ने कहा है कि इस ऑपरेशन का लक्ष्य ईरान में इस्लामिक शासन के विरोधियों को मौका देना हो सकता है। खासतौर पर तब जब सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और बाकी शीर्ष अधिकारियों के मारे जाने की बात कही जा रही है।