चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला सोनीपत के गांव भटगांव में आयोजित राज्य स्तरीय गौशाला चारा अनुदान राशि वितरण समारोह में प्रदेश की गौशालाओं के सशक्तिकरण के लिए 68 करोड़ 34 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि जारी की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली के पर्व की शुभकामनाएं भी दी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता हमारी संस्कृति, आस्था और संवेदनशीलता की प्रतीक हैं। गौ सेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ विषय है। सरकार का उद्देश्य गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भटगांव की दोनों ग्राम पंचायतों तथा धर्मार्थ गौशाला भटगांव को 21-21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
सोनीपत सहित प्रदेशभर की गौशालाओं को अनुदान राशि
सोनीपत जिले की 27 पंजीकृत गौशालाओं के लिए 5 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की 602 पंजीकृत गौशालाओं को यह अनुदान दिया जा रहा है, जिससे हजारों गौशालाओं में आश्रय ले रहे गोवंश को चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

पिछले सवा 11 वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत गौशालाओं को 457 करोड़ 41 लाख रुपये की अनुदान राशि दी गई थी और आज की राशि मिलाकर यह आंकड़ा बढक़र 525 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक हो चुका है। यह सरकार की गौसंवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
गौशालाओं की संख्या और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि
वर्ष 2014 तक प्रदेश में केवल 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जिनमें लगभग 1 लाख 75 हजार गोवंश का पालन-पोषण हो रहा था। वर्तमान में 697 पंजीकृत गौशालाएं कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 4 लाख बेसहारा गोवंश को आश्रय दिया जा रहा है। यह वृद्धि प्रदेश सरकार की योजनाओं और समाज के सहयोग से संभव हुई है।
सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनेगी गौशालाएं
प्रदेश की 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और वर्ष 2026-27 तक सभी पंजीकृत गौशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे उनके खर्च में कमी आएगी।
ई-रिक्शा और पंचगव्य आधारित उत्पादों को बढ़ावा
गौशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे गौशालाएं अपने उत्पादों की मार्केटिंग कर सकें और आय बढ़ा सकें। पंचगव्य आधारित उत्पादों—जैसे जैविक खाद, प्राकृतिक पेंट, दीया, धूपबत्ती, गोबर के गमले, गो अर्क आदि—के निर्माण हेतु आवश्यक मशीनरी के लिए 101 गौशालाओं को अनुदान दिया गया है।

पंचगव्य आधारित उत्पादों के अनुसंधान और विकास के लिए पंचकूला स्थित हरियाणा गोवंश अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है, जो नवाचार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गोवंश के स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
गौशालाओं में गौवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए नियमित पशु चिकित्सक ड्यूटी पर तैनात किए जा रहे हैं। तीन हजार से अधिक गौवंश वाली गौशालाओं में सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक की ड्यूटी और छोटी गौशालाओं में वीएलडीए की सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं। मोबाइल पशु चिकित्सालय की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
गौ-अभयारण्यों की स्थापना
प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करने के उद्देश्य से दो गौ-अभयारण्यों की स्थापना की गई है, जिनमें हजारों गोवंश को आश्रय देने की क्षमता है। इनके लिए करोड़ों रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, जिससे इन गौ-अभयारण्यों में शेड, पानी और चारे की समुचित व्यवस्था की गई है।

देसी नस्लों का संरक्षण
देसी नस्लों—हरियाणा, साहिवाल एवं बेलाही—के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। दूध उत्पादन क्षमता के अनुसार 5 हजार से 20 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के माध्यम से नस्ल सुधार और संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है।
सख्त कानून से गोवंश की सुरक्षा
‘हरियाणा गौ-वध संरक्षण एवं गौ संवर्धन अधिनियम-2015’ के माध्यम से गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस कानून के तहत गोहत्या और अवैध तस्करी पर सख्त दंड का प्रावधान है। सरकार गोवंश की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
समाज से सहयोग की अपील
पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के संचालन में समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरियाणा सरकार गौ सेवा, गौ संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत।

समारोह में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर को प्रेरणा और सद्भावना का पर्व बताते हुए कहा कि जैसे होलिका दहन दुर्भावनाओं के अंत और प्रह्लाद की विजय अटूट विश्वास का प्रतीक है, उसी प्रकार गौ सेवा सनातन संस्कृति की जीवंत साधना है। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्राण है। वेदों में गांवों विश्वस्य मातर: कहकर गाय को संपूर्ण मानवता की मातृ रूप में स्वीकार किया गया है। गाय का संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, पर्यावरण संतुलन, पारिवारिक सद्भाव, स्वास्थ्य और राष्ट्र समृद्धि से जुड़ा हुआ है। भारतीय नस्ल के देसी गोवंश के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज विश्व के अनेक देश भी इसकी महत्ता को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए प्रति गाय प्रतिदिन के आधार पर अनुदान सुनिश्चित करने तथा बजट में गौ सेवा के लिए उदार प्रावधान करने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को विशेष शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गौ माता का संबंध भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से गहराई से जुड़ा हुआ है। हरियाणा की ताकत, युवाओं की शारीरिक क्षमता और सेना में उनकी उल्लेखनीय भागीदारी का आधार दूध, दही, घी और पशुपालन की समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि देसी गाय का दूध और घी न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह हमारे पांच तत्वों की पूर्ति का माध्यम भी है। गोबर और गौ-उत्पाद प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेशवासियों से अपील की कि गौशालाओं के साथ-साथ प्रत्येक परिवार कम से कम एक देसी गाय अवश्य पाले, जिससे स्वास्थ्य, पोषण और आय के नए स्रोत विकसित होंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देसी गाय पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की 600 से अधिक गौशालाओं के प्रतिनिधियों को साथ लेकर आए हैं, जो गौ सेवा के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत लगभग तीन घंटे से अधिक का बजट ऐतिहासिक है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सहकारिता, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य सहित हर वर्ग और हर क्षेत्र के लिए बजट में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने इसे देश का नंबर वन बजट बताते हुए कहा कि पिछले बजट का प्रभावी व्यय हुआ और इस बार और अधिक राशि का प्रावधान कर विकास को नई गति दी गई है। गोहाना क्षेत्र की मांगों को बजट में शामिल करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलते हुए हर गांव और हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जोरदार स्वागत करते हुए कहा कि यह पावन अवसर सामाजिक समरसता, भक्ति और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। जिस प्रकार प्रहलाद की विजय और होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है, उसी प्रकार हमें अपने जीवन से नकारात्मक विचारों को दूर कर समाज को नई दिशा देने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री द्वारा कल प्रस्तुत ऐतिहासिक बजट हरियाणा के किसान, युवा, महिला और गरीब वर्ग की आवाज को मजबूती देता है तथा विकसित भारत और विकसित हरियाणा के संकल्प को साकार करने वाला है। बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए इसे सोनीपत का महाकुंभ बताते हुए कहा कि आज से सभी गौमाता की रक्षा और उसकी देखभाल करते हुए अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर जाएंगे।
हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने समारोह में पहुंचने पर मुख्यमंत्री सहित मंत्रीगण व अन्य अतिथियों का धन्यवाद किया। इस मौके पर पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक कृष्णा गहलावत, विधायक निखिल मदान, विधायक देवेंद्र कादियान, विधायक पवन खरखौदा, मेयर राजीव जैन, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बडख़ालसा, पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ० प्रेम सिंह सहित अनेक गौभक्त व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।