नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिनमें ईरान के कई शहर निशाने पर आए। आज फिर ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं हैं। वहीं सऊदी अरब की सरकारी तेल की कंपनी सऊदी अरामको की रास तानुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ है। इसके बाद रिफाइनरी को बंद कर दिया गया है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि रिफाइनरी को एहतियात के तौर पर बंद किया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।
ड्रोन हमले से रिफाइनरी के एक छोटे से हिस्से में आग लग गई लेकिन इस पर तुरंत काबू पा लिया गया। यह दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरीज में से एक है और और रोजाना करीब 550,000 बैरल क्रूड को प्रोसेस कर सकती है। सऊदी अरब की डिफेंस मिनिस्ट्र के एक प्रवक्ता ने बताया कि सऊदी अरामको की रास तानुरा फैसिलिटी को टारगेट करके दागे गए दो ड्रोन के सफलतापूर्वक रोक दिया गया। यह रिफाइनरी फारस की खाड़ी में स्थित है और सऊदी अरब के एक्सपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए काफी अहम है। पश्चिम एशिया पूरी दुनिया के लिए तेल और गैस का एक बड़ा स्रोत है और यहां संकट पैदा होने से क्रू़ड की की कीमत में काफी तेजी आई है।
एनर्जी ट्रेडर्स को आशंका है कि अगर तेल और गैस से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला होता है तो इससे दुनिया भर में हाहाकार मच सकता है। इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान है। आज शुरुआती कारोबार में यह 12 फीसदी तक उछल गया था। अभी ब्रेंट क्रूड 10 फीसदी से अधिक तेजी के साथ 80.19 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। सऊदी अरब ने अपने ऑयल इन्फ्रा के लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं।