अमृतसरः श्री दरबार साहिब में पूर्व सांसद व पंजाबी सूफी गायक हंस राज हंस नतमस्तक हुए। इस दौरान उन्होंने गोल्डन टेंपल की परिक्रमा करके गुरु घर में नतमस्तक हुए। जहां कुछ समय गुरबाणी कीर्तन सुन कर आत्मिक शांति का अनुभव किया। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए हंस राज हंस ने कहा कि सत्गुरु श्री दरबार साहिब में आकर जो अनुभव होता है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यहां आकर जो आनंद और स्थिरता मिलती है, वह कहने से परे है।
गायक ने कहा कि वह बहुत दिनों बाद दर्शन करने आए हैं और इस दौरान उनके मन को अपार शांति मिली है। उन्होंने सिर झुकाकर दरबार साहिब आने के बारे में कहा कि यह कोई दिखावा नहीं, बल्कि आचर्य और सम्मान का प्रतीक है। भविष्य की योजना के सवाल पर हंस राज हंस ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन मालिक के हवाले कर दिया है। “जिसने सरेंडर कर दिया, उसकी प्लानिंग मालिक करता है। राजनीति मैंने कभी दिल से नहीं की, वह सिर्फ कर्म चक्र था।”
संगीत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि संगीत जीवन है, चाहे वह लोक संगीत हो, फिल्मी गीत या शास्त्रीय। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, व्यायाम करें और सुर में गाएं। क्योंकि सही संगीत मन को शांति देता है। फिल्मों में वापसी को लेकर हंस राज हंस ने कहा कि उम्र के हिसाब से यदि कोई अच्छा पात्र मिला, तो जरूर करूंगा। राजनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि गुरु घर आकर राजनीति पर बात करना उपयुक्त नहीं है।