यूपी डेस्क। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है और अगली सुनवाई तक उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फिलहाल शंकराचार्य के खिलाफ कोई सख्त कदम न उठाया जाए।
यौन उत्पीड़न मामले से जुड़ा है विवाद
यह मामला यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर एक नाबालिग समेत दो लोगों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने स्वामी को फिलहाल राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
नार्को टेस्ट के लिए तैयार-स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अगर नार्को टेस्ट से सच्चाई सामने आती है, तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सच सामने लाने के लिए जो भी तरीके उपलब्ध हैं, उनका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
झूठ ज्यादा समय तक नहीं टिकताः स्वामी
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि झूठ ज्यादा समय तक नहीं टिकता। उनका कहना है कि यह मामला मनगढ़ंत है और समय के साथ सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस बच्चे का नाम इस मामले में लिया जा रहा है, वह कभी उनके पास आया ही नहीं।
फिलहाल आगे क्या होगा
अब इस मामले में अगली सुनवाई तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है। कोर्ट की अगली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय होगी। अगर चाहें तो मैं इसे न्यूज़ स्क्रिप्ट, हेडलाइन स्टाइल, या और भी सरल भाषा में भी लिख सकता हूं।