होशियारपुरः जेल में मनीष नामक कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उसे जेल प्रशासन द्वारा उपचार के लिए सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा मनीष को मृतक घोषित किया गया। मनीष एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद था। वहीं मनीष के परिजनों ने बताया कि जेल से उन्हें फोन कर सूचित किया गया था कि मनीष की तबीयत खराब है और उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
जब वे सिविल अस्पताल पहुंचे तो मनीष की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने रंज और आक्रोश के रूप में आज मनीष की मृत देह घंटा घर के नीचे रखकर जिला जेल के प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर मनीष के भाई ने कहा कि उनका भाई पूरी तरह स्वस्थ था और यह सारी घटना जेल के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुई है।
दूसरी ओर, जब इस संबंध में डीएसपी सिटी देवजत शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि परिजनों ने जेल के कुछ अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं कि क्या उनकी वजह से मनीष को सिविल अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने में देर हुई जिससे उसकी मौत हुई। उन्होंने बताया कि सिविल जज की निगरानी में एक टीम बनाई गई है जो इस मामले का फॉलो-अप करेगी। उन्होंने कहा कि मनीष का पोस्टमार्टम भी उसी टीम की देखरेख में होगा और यदि किसी की लापरवाही पाई जाती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।