अमृतसर : श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने 72 घंटे के नोटिस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन पर नोटिस जारी करना गलत है।
उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटे के अंदर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वो अपने सभी सवाल संगत के सामने रखेंगे। जानकारी के अनुसार, एसजीपीसी की ओर से श्री दरबार साहिब के 72 घंटे के अंदर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया था।
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नोटिस की अवधि खत्म होने से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि 18 तारीख को प्रेस क्लब जालंधर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने एसजीपीसी के भीतर कथित भ्रष्टाचार और घोटालों के मुद्दे संगत के सामने उठाए थे।
इसके अगले दिन एसजीपीसी की कार्यकारी समिति ने उन्हें नोटिस जारी किया, जिसकी जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मिली क्योंकि उस समय वे पंजाब से बाहर थे। ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि एसजीपीसी अध्यक्ष पहले ही सार्वजनिक रूप से समिति में घोटालों की बात स्वीकार कर चुके हैं और इस संबंध में कौम से माफी भी मांगी गई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब घोटालों की बात मानी जा रही है तो उनके सवालों के जवाब देने की जगह उन्हें नोटिस क्यों भेजा गया। उन्होंने एसजीपीसी से अपील की कि संगत के सामने सभी सवालों के साफ जवाब दिए जाएं अन्यथा वो अपने पास मौजूद सबूतों के साथ हर मुद्दे को अलग-अलग सार्वजनिक करेंगे।