धर्म : इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना रमजान भारत के साथ-साथ दुनियाभर के मुसलमानों के लिए रोजा (उपवास), प्रार्थना और दान का महीना है। कुछ लोग पहले से ही इस बात को जानना चाहते हैं कि आखिर भारत में रमजान कब शुरु होगा और ईद उल फितर कब मनाई जाएगी।
भारत में इस समय मनाई जाएगी रमजान
इस्लाम धर्म में रमजान इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है जो चांद दिखने पर आधारित है। इस वजह से इसकी शुरुआत की तारीख हर साल बदलती रहती है और स्थानीय स्तर पर चांद दिखने की स्थिति के आधार पर अलग-अलग देशों में इसके समय में बदलाव देखने को मिलता है। भारत में रजमान 2026 की शुरुआत इस साल 19 फरवरी 2026 गुरुवार से हो सकती है हालांकि धार्मिक अधिकारियों के द्वारा चांद देखे जाने के बाद ही इसकी सटीक तिथि पता चल पाएगी। रमजान के दौरान मुसलमान आमतौर पर व्रत रखते हैं जिनको रोजा कहते हैं। इस दौरान अल्लाह की प्रार्थना और दान का खास महत्व होता है। रमजान के दौरान मुसलमान पूरे महीने सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं और दिन के समय भोजन, पेय और अन्य शारीरिक जरुरतों से बचा जाता है। रमजान के महीने में नमाज पढ़ना, कुरान पढ़ना और जकात व सदका सहित दान-पुण्य भी किया जाता है।
रमजान की अवधि
रमजान का महीना 29 से 30 दिनों का होता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि अगला चांद कब दिखाई देता है। आखिरी के 10 दिनों में तरावीह और कियाम उल-लैल नाम की खास प्रार्थना पर जोर दिया जाता है। भारत में ईद-उल-फितर इस्लामी कैलेंडर का जरुरी त्योहार है जो रमजान के खत्म होने का प्रतीक माना जाता है और आमतौर पर प्रार्थनाओं, दावतों और उपहारों के आदान-प्रदान के साथ मनाया जाएगा।
भारत में ईद-उल-फितर 2026 के चंद्रमा के आधार पर 20 या 21 मार्च 2026 को पड़ने की उम्मीद है। इस्लाम में इस त्योहार की शुरुआत में मस्जिदों और खुले मैदानों में आयोजित खास ईद की नमाज से होती है इसके बाद उत्सव के भोज का आनंद उठाया जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को गले लगाकर शुभकामनाएं देते हुए। बच्चों को ईदी देने के साथ जकात के रुप में जरुरतमंदों को दान किया जाता है। इसे ईद की नमाज से पहले अदा करना जरुरी होता है।