यशपाल दुआ के साथ खड़ा मरवाहा का सगा भाई
जालंधर, ENS: Hotel Mariton में पार्टनरों में हुई हाथापाई को लेकर मामला गरमा गया है। बीते दिन पार्टनर परमजीत मरवाहा और यशपाल दुआ ने पुलिस को शिकायत दी थी। जिसके बाद पुलिस ने आज दोनों पक्षों को थाने आने के लिए कहा था। इस मामले में होटल के पार्टनर यशपाल दुआ, गुलशन दुआ, उमेश दुआ, शिवी दुआ सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295-A के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं यशपाल दुआ की बेटी ने प्रेस वार्ता करते हुए घटना को लेकर खुलासे किए है। बेटी ने कहा कि 12 फरवरी की घटना होटल में हुई थी। पीड़िता ने कहा कि यश दुआ की पोती का होटल में बर्थडे था और वहां पर डांस पार्टी चल रही थी।
आरोप है कि प्रोग्राम के दौरान परमजीत मरवाहा आते है और महिलाओं के साथ गलत शब्दावली का प्रयोग करते है। पीड़िता ने आरोप लगाए है कि वह धमकी देते हुए कहते है कि नीचे जाकर वह उन्हें देखते है। धमकी के कुछ देर बाद उसने नीचे जाकर देखा कि वह उनके पिता सहित अन्य लोगों के साथ हाथापाई कर रहे है। पीड़िता ने कहा कि महिलाओं की पार्टी में आदमी आकर हंगामा करते है जो कि गलत है। वहीं 2 महीने पहले हुए झगड़े को लेकर कहा कि यह घटना 2 महीने पहले की नहीं है, बल्कि 7 महीने से वह उन्हें परेशान कर रहे है। इस परेशानी के कारण उसके पिता डिप्रैशन में चले गए है। पीड़िता ने कहा कि वह पैसे का रौब दिखा रहे है और इसी के चलते वह 5 प्रतिशत हिस्से को लेकर बात कर रहे है कि वह कौन होते है।
पीड़िता ने कहा कि उनकी ओर से कोई झगड़ा नहीं था और वह पहले के विवाद को लेकर पंगा लेने का बहाना ढूंढ रहे थे। पीड़िता ने कहा कि बीते दिन मरवाहा की ओर से प्रेस वार्ता के दौरान कुकरेजा वहां पर मौजूद थे। वह घटना के दौरान भी मौजूद थे, लेकिन वह तमाशा देख रहे थे और लड़ाई छुड़वाने की कोशिश नहीं की। पीड़िता ने कहा कि उनके साथ परमजीत सिंह मरवाहा के साथ सगे भाई उनके साथ खड़े है, जिनका होटल में 15 प्रतिशत हिस्सा है। पीड़िता ने कहा कि मरवाहा की अपने सगे भाई के साथ नहीं बन रही तो वह किसी ओर के साथ किस तरह का विवाद करते होंगे यह सबको पता है।
वहीं पगड़ी उतरने और ड्रिंक फेंकने को लेकर कहा कि ड्रिंक उनके द्वारा नहीं गिराई गई है। पगड़ी को लेकर कहा कि वह खुद दस्तार का सम्मान करते है और हाथापाई के दौरान पगड़ी उतरने के दौरान उन्होंने टेबल पर सम्मान के साथ रखी थी। लेकिन पगड़ी का किसी ने अपमान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मरवाहा द्वारा लड़ाई शुरू की गई और उसके बाद उनके द्वारा ही हाथापाई की गई। इस मामले को लेकर पीड़िता ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि धर्म की आड़ पर मरवाहा द्वारा उन्हें फंसाया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मरवाहा की पगड़ी को किसी ने हाथ नहीं लगाया था।
