जालंधर, ENS: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा उनके पुत्र रणइंदर सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के उल्लंघन के मामले में जालंधर ईडी ने पूछताछ के लिए समन भेजा है। रणइंदर सिंह को 12 फरवरी करीब 12 बजे जालंधर स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह 13 फरवरी को जालंधर ED दफ्तर में पेश होंगे।

दोनों पर विदेश में संपत्ति और एक स्विस बैंक खाते का आरोप है। फिलहाल कैप्टन मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। यह मामला तब चर्चा में आया था जब 2011 में फ्रांस सरकार ने कैप्टन और उनके पुत्र की विदेश संपत्तियों तथा उनके एक स्विस बैंक खाते की जानकारी भारत सरकार को दी थी। इसके बाद 2016 में उनके खिलाफ लुधियाना में मामला दर्ज किया गया था।
जांच एजेंसियों का दावा है कि कैप्टन फैमिली ने ट्रस्ट के जरिए ब्रिटेन और अन्य देशों में करोड़ों की कीमत की प्रॉपर्टियां बनाई हैं। इनका लेखा-जोखा भारत में इनकम टैक्स को नहीं दिखाया गया। ये भी आरोप है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए पैसे का सोर्स भी नहीं बताया है। इससे फेमा नियमों को तोड़ा गया है। ऐसे में पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंद्र सिंह आज दोपहर शुरुआत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लुधियाना की अदालत में शिकायत दर्ज की थी कि उन्होंने अपनी विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी छुपाई है।
इसी शिकायत के आधार पर ED ने अपनी जांच शुरू की ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और फारेन करंसी नियमों के उल्लंघन का पता लगाया जा सके। 2006 से चल रहा मामला कई कानूनी पेचीदगियों में फंसा रहा, लेकिन सितंबर 2025 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने ED को उन सभी दस्तावेजों और सबूतों की जांच करने की परमिशन दे दी जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जुटाए थे।ईडी दफ्तर में पेश होंगे। प
