चंडीगढ़, 10 फरवरी 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब में चल रही एंटी-ड्रग यात्रा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार लगातार पंजाब नशा विरोधी अभियान चला रही है, तब समानांतर राजनीतिक यात्राएं भ्रम पैदा कर रही हैं।
धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और AAP नेतृत्व के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने Punjab Drug Menace Crackdown को प्राथमिकता दी है। पंजाब में नशे की समस्या पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट भी चिंता जताती रही है।
पंजाब में ड्रग मेनस: एक गंभीर चुनौती
पंजाब लंबे समय से drug abuse in Punjab और Punjab drug crisis जैसे मुद्दों से जूझता रहा है। केंद्र सरकार की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी समय-समय पर कार्रवाई करती रही है।
धालीवाल ने आरोप लगाया कि जिन राजनीतिक दलों के शासनकाल में नशे का जाल फैला, वे आज एंटी-ड्रग यात्रा में शामिल होकर नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं।
राजनीतिक संदेश पर सवाल
उन्होंने कहा कि यदि नशा मुक्त पंजाब अभियान को गंभीरता से लिया जाना है, तो इसमें उन ताकतों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए जिन पर अतीत में आरोप लगते रहे हैं।
धालीवाल ने कहा कि 2007 से 2017 के दौरान पंजाब में नशे की समस्या चरम पर थी। इस अवधि के दौरान ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों पर संसद और विभिन्न एजेंसियों में चर्चा होती रही।
AAP सरकार का दावा
AAP नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने anti-drug drive in Punjab के तहत विशेष अभियान चलाए हैं और जमीनी स्तर पर पुलिस तथा प्रशासनिक कार्रवाई को तेज किया है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।
अंत में धालीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता जानती है कि कौन Punjab anti-drug campaign को गंभीरता से चला रहा है और कौन इसे राजनीतिक मंच बना रहा है।
